ब्रेकिंग
राजपूतों के सम्मान पर रूडी को मिला RJD का साथ, सुनील सिंह ने BJP पर बोला हमला, कहा..अपने दिल की पीड़ा को सांसद ने किया व्यक्त✦राजपूतों को कितना महत्व दे रही है भाजपा? सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अपनी ही पार्टी पर उठाए सवाल✦हाजीपुर जंक्शन पर 55 लाख की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार, दिवाली में खपाने की थी तैयारी ✦MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द करने की मांग, RJD ने सभापति को सौंपा ज्ञापन✦Bihar Ration Card : अब राशन दुकानों पर AI की नजर! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम✦राजपूतों के सम्मान पर रूडी को मिला RJD का साथ, सुनील सिंह ने BJP पर बोला हमला, कहा..अपने दिल की पीड़ा को सांसद ने किया व्यक्त✦राजपूतों को कितना महत्व दे रही है भाजपा? सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अपनी ही पार्टी पर उठाए सवाल✦हाजीपुर जंक्शन पर 55 लाख की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार, दिवाली में खपाने की थी तैयारी ✦MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द करने की मांग, RJD ने सभापति को सौंपा ज्ञापन✦Bihar Ration Card : अब राशन दुकानों पर AI की नजर! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम

Success Story: IBM की नौकरी छोड़ बने IPS बने लोढ़ा , जानिए अचनाक क्यों होने लगी नाम की चर्चा

Success Story: एक महिला वकील अर्चना तिवारी लगभग दो सप्ताह पहले चलती ट्रेन से लापता हो गई थीं और आईपीएस लोढ़ा और उनकी टीम ने उन्हें खोज निकाला था। जिस कारण वह चर्चा में हैं

Success Story
Success Story
© file photo
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

Success Story: आईपीएस अधिकारी राहुल लोढ़ा इन दिनों सुर्खियों में हैं। उन्होंने जिस तरह से महिला वकील अर्चना तिवारी का केस सुलझाया और इस वजह से चर्चा आए हुए हैं। आइए जानते हैं कि क्या है इसकी खासियत ?


दरअसल, एक महिला वकील अर्चना तिवारी लगभग दो सप्ताह पहले चलती ट्रेन से लापता हो गई थीं और आईपीएस लोढ़ा और उनकी टीम ने उन्हें खोज निकाला  था। जिस कारण वह चर्चा में हैं। सबसे पहले हम यह जानते हैं कि उन्होंने कहां से पढ़ाई लिखाई की है और कब यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस बनें। 


सबसे पहले आपको बता दें कि आईपीएस राहुल लोढ़ा भोपाल रेलवे में एसपी है। यह महाराष्ट्र के जलगांव के मूल निवासी है और उन्होंने पुणे इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर टेक्नोलॉजी से बीई आईटी की डिग्री हासिल की है। इतना ही नहीं पढ़ाई पूरी होने के तुरंत बाद उन्हें एमएनसी कंपनी आईबीएम में नौकरी मिल गई थी। लेकिन,जाॅब शुरू करने के कुछ ही महीनों बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी क्योंकि उनका सपना सिविल सेवा में जाने का था। 


इसके 2009 में राहुल लोढ़ा ने आईबीएम की नौकरी छोड़ दी और यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए, लेकिन आर्थिक तंगी और शहर के बारे में सीमित जानकारी के कारण काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा इस दौरान कोचिंग के बारे में जानकारी करने के लिए चांदनी चौक की धर्मशालाओं और गुरुद्वारों में कई रातें बितानी पड़ीं थी। 


बताया जाता है कि,लोढ़ा अपने दो प्रयासों में असफल हो गए थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और मेहनत कर फिर से तैयारी शुरू की और तीसरे प्रयास में उन्होंने 2010 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की और चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए किया गया। इस तरह से आईपीएस बनकर उन्होंने अपने सपने को पूरा किया। वह 2011 बैच एमपी कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं।