ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News: ढाका विधानसभा सीट पर फिर होंगे चुनाव ? पवन जायसवाल ने पटना हाईकोर्ट में किया है केस, 10 तारीख को RO को न्यायालय में 'शपथ' देने का आदेश Bihar Bhumi: बिहार में फार्मर रजिस्ट्री का डेट बढ़ा, अब इस दिन तक चलेगा विशेष कैम्प; डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने दिए निर्देश Bihar Bhumi: बिहार में फार्मर रजिस्ट्री का डेट बढ़ा, अब इस दिन तक चलेगा विशेष कैम्प; डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने दिए निर्देश पटना विमेंस कॉलेज में दो दिवसीय हेल्थ कैंप, 200 से ज्यादा छात्राओं-अभिभावकों का नि:शुल्क जांच Bihar News: बिहार के एक भ्रष्ट SDO को मिला बड़ा दंड, एक लाख रू रिश्वत लेते हुआ था गिरफ्तार, जानें.... Purnea News: विद्या विहार आवासीय विद्यालय के एथलेटिक्स मीट 2025–26 का समापन, खिलाड़ियों ने दिखाया दम Purnea News: विद्या विहार आवासीय विद्यालय के एथलेटिक्स मीट 2025–26 का समापन, खिलाड़ियों ने दिखाया दम जज्बे को सलाम: अस्पताल से सीधे परीक्षा केंद्र पहुंची इंटर की छात्रा, मां बनने के कुछ ही घंटों बाद दिया एग्जाम मुंगेर में जिला एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान हंगामा, दो पक्षों के बीच मारपीट Bihar News: ग्रामीण कार्य विभाग ने 60 से अधिक ठेकेदारों को किया ब्लैकलिस्ट/सस्पेंड, फर्जी कागजात लगाकर ठेका लेने समेत कई गंभीर आरोप

बिहार में मजाक बना शराबबंदी कानून : वाट्सएप पर शराब पीने वाली फोटो देख 4 लोगों को पुलिस ने भेजा जेल, हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

बिहार में मजाक बना शराबबंदी कानून : वाट्सएप पर शराब पीने वाली फोटो देख 4 लोगों को पुलिस ने भेजा जेल, हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

24-Sep-2019 07:33 AM

PATNA : सूबे में पूरी तरह से शराबबंदी है, इसके बावजूद आए दिन शराब पीते किसी न किसी की तस्वीर वायरल होते रहती है. हद तो तब हो गई जब बक्सर पुलिस ने व्हाट्सअप पर शराब पीने की तस्वीर देखकर 4 लोगों को गिरफ्तार कर सीधे जेल भेज दिया. सोमवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई शैली पर सवाल खड़ा करते हुए नाराजगी जताई है. पटना हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई करते हुए जज ने कहा कि पुलिस का यह कारनामा प्रथम दृष्या शराबबंदी कानून का दुरुपयोग लगता है. क्यों न दोनों पर हर्जाना लगाया जाए ?

न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार सिंह की एकलपीठ ने मनोज कुमार सिंह व विनय कुमार की ओर से दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए बक्सर के मुफसिल थानाध्यक्ष और अनुसंधान पदाधिकारी को नोटिस जारी करते हुए निजी तौर पर अपना-अपना जबाब देने का आदेश दिया. इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार हुए लोगों के खिलाफ निचली अदालत में चल रही कार्रवाई पर भी रोक लगाने का आदेश दिया.

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता परिजात सौरभ ने बताया कि व्हाट्सएप पर भेजे गये फ़ोटो के आधार पर पुलिस ने आवेदकों को शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. पुलिस ने यह भी पता नहीं किया की वायरल फोटो कब की है और कहां ली गई है. यहां तक कि आवेदक ने शराब पिया था या नहीं इस बारे में पुलिस ने मेडिकल तक नहीं कराई. पुलिस की बिना सोची समझे मुकदमें करने से 4 लोगों को 7 दिन जेल में रहना पड़ा.  दलील दी गई कि राज्य में शराबबंदी के नाम पर पुलिस लोगों को बेवजह किसी विशेष उद्देश्य से परेशान कर रही है.