Rishabh Pant: "ऋषभ पंत की तुलना विराट से करो, धोनी से नहीं", अश्विन ने आखिर क्यों दिया ऐसा बयान?

Rishabh Pant: रविचंद्रन अश्विन ने कहा है कि ऋषभ पंत की तुलना धोनी नहीं, विराट कोहली से होनी चाहिए। लीड्स टेस्ट में पंत के दो शतकों की तारीफ करते हुए अश्विन ने इंजमाम उल हक से भी कर दी उनकी तुलना।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 27, 2025, 12:33:09 PM

Rishabh Pant

धोनी, विराट, ऋषभ पंत और अश्विन - फ़ोटो Google

Rishabh Pant: लीड्स टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ दोनों पारियों में शतक जड़कर ऋषभ पंत ने हर किसी से तारीफें बटोरीं। लेकिन इसके बावजूद भारत को 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर पंत की तारीफ करते हुए उनकी तुलना पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बजाय विराट कोहली से करने की सलाह फैंस को दे दी है। अश्विन ने कहा कि धोनी ने कभी लंबे समय तक नंबर 5 पर बल्लेबाजी नहीं की, जबकि पंत एक मुख्य बल्लेबाज हैं। उनकी गेंद को जल्दी पढ़ने की क्षमता और आक्रामक शैली उन्हें कोहली जैसे खिलाड़ियों के ज्यादा करीब लाती है।


अश्विन ने पंत की तुलना पाकिस्तान के दिग्गज बल्लेबाज इंजमाम उल हक से भी की। उन्होंने कहा कि पंत की गेंद की लाइन और लेंथ को जल्दी पहचानकर शॉट खेलने की काबिलियत इंजमाम जैसी है। अश्विन ने सुझाव दिया है कि पंत को अपने शतकों को दोहरे शतक में बदलने पर ध्यान देना चाहिए, खासकर इंग्लैंड के ‘औसत’ गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ तो बिल्कुल उन्होंने कहा है कि “पंत का डिफेंस शानदार है और उनके पास हर शॉट खेलने की क्षमता है। अगर वह 130 रन को 200 में बदल दें तो भारत को बड़ा स्कोर बनाने में मदद मिलेगी।”


इसके अलावा आने वाले टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजी को लेकर भी अश्विन ने रणनीतिक सलाह दी है। उन्होंने कहा कि टीम को रनों से ज्यादा मैदान पर समय बिताने पर ध्यान देना चाहिए ताकि इंग्लैंड को फील्डिंग के लिए ज्यादा समय देना पड़े। इससे विरोधी टीम दबाव में आएगी। अश्विन ने जोर दिया है कि एक हार से घबराने की जरूरत नहीं है और भारत एजबेस्टन में होने वाले दूसरे टेस्ट में सीरीज को बराबर कर सकता है।


साथ ही अश्विन ने यह भी सुझाव दिया कि दूसरे टेस्ट में स्पिनर कुलदीप यादव को प्लेइंग XI में शामिल करना चाहिए। उनका मानना है कि कुलदीप की गेंदबाजी इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए चुनौती पेश कर सकती है। अगर कुलदीप लीड्स टेस्ट में होते तो शायद परिणाम यह नहीं होता और कई बल्लेबाजों का शतक भी बेकार नहीं जाता।