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नीतीश के साथ ऐसा भी होता है: अंजान व्यक्ति ने जेडीयू ऑफिस में आकर दे दिया 10 करोड़ रूपये, दानवीर का कोई अता-पता नहीं

नीतीश के साथ ऐसा भी होता है: अंजान व्यक्ति ने जेडीयू ऑफिस में आकर दे दिया 10 करोड़ रूपये, दानवीर का कोई अता-पता नहीं

17-Mar-2024 08:08 PM

By First Bihar

PATNA: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी पर लोग कैसे मेहरबान हैं, इसका एक नमूना देखिये. एक अंजान व्यक्ति जेडीयू के पटना कार्यालय में आया और 10 करोड़ रूपये देकर चला गया. पार्टी को उस व्यक्ति का नाम-पता कुछ मालूम नहीं है, लेकिन उसके ये 10 करोड़ रूपये अपने पास रख लिये. जेडीयू ने लिखित तौर पर ये जानकारी दी है.


मामला इलेक्टरोल बॉन्ड का है. सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक पार्टियों को इलेक्टरॉल बॉंन्ड के जरिये पैसे लेने को असंवैधानिक करार दिया था. इस मामले में लंबी कानूनी लड़ाई चली. सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टरॉल बॉन्ड जारी करने वाले स्टेट बैंक को सारा डाटा देने को कहा था. स्टेट बैंक ने टालमटोल किया तो कोर्ट ने उसे तगड़ी फटकार लगायी. इसके बाद किसने बॉन्ड खरीदा और किस पार्टी को कितने पैसे मिले, ये आंकड़ा सामने आया. सुप्रीम कोर्ट ने सारे पार्टियों को ये कहा कि वे बतायें कि उन्हें किन लोगों ने इलेक्टरॉल बॉन्ड के जरिये पैसा दिया था. कोर्ट के आदेश के बाद राजनीतिक पार्टियों ने 2019 तक इलेक्टरॉल बॉन्ड के जरिये मिले पैसे का हिसाब दिया है.


जेडीयू की मजेदार कहानी

जेडीयू ने सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग को साल 2019 में इलेक्टरॉल बॉन्ड या .चुनावी बॉन्ड के जरिये मिले 13 करोड़ का हिसाब बताया है. पार्टी के प्रदेश महासचिव नवीन कुमार आर्या की ओर से लिखित जानकारी दी गयी है. इसमें 10 अप्रैल 2019 को मिले 10 करोड़ रूपये की कहानी सबसे दिलचस्प है. वैसे नीतीश कुमार की पार्टी ने उन तीन लोगों का नाम बताया है, जिनसे 3 करोड़ रूपये और मिले थे.


अंजान व्यक्ति ने आकर दिया 10 करोड़

जेडीयू की ओर से सुप्रीम कोर्ट औऱ चुनाव आयोग को भेजे गये जवाब में कहा गया है कि उसे ये नहीं मालूम कि 10 अप्रैल 2019 को किस व्यक्ति ने पार्टी को 10 करोड़ रूपये का इलेक्टरॉल बॉन्ड दिया है. जेडीयू ने कहा है कि 3 अप्रैल 2019 को कोई आदमी पार्टी के ऑफिस में आया और सील किया हुआ लिफाफा सौंप कर चला गया. जब उस लिफाफे को खोला गया तो पता चला कि उसमें 1-1 करोड़ रूपये के 10 इलेक्टरोल बॉन्ड हैं. इसके बाद जेडीयू ने पटना के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मेन ब्रांच में एक खाता खोला और 10 अप्रैल को उन बॉन्ड को कैश करा कर 10 करोड़ रूपये अपने खाते में जमा कर लिया.


इसके अलावा मिले 3 करोड़ रूपये

जेडीयू की ओर से सुप्रीम कोर्ट औऱ चुनाव आयोग को दी गयी जानकारी में उन तीन व्यक्ति या संस्थानों का नाम बताया गया है जिन्होंने इलेक्टरोल बॉन्ड के जरिये 1-1 करोड़ रूपये दिये थे. बिहार में सीमेंट फैक्ट्री लगाने वाले श्री सीमेंट ने 16 अप्रैल 2019 को जेडीयू को एक-एक करोड़ रूपये का दो बॉन्ड दिया. इसके अलावा एयरटेल ने भी 26 अप्रैल 2019 को जेडीयू को एक करोड़ रूपये का बॉन्ड दिया.