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15 दिनों में ही निलंबन से मुक्त होंगे नवादा के पूर्व SDM, कोटा जाने के लिए BJP विधायक को जारी किया था पास

07-May-2020 05:57 AM

PATNA : BJP के विधायक अनिल कुमार को कोटा जाकर बेटी को लाने का पास जारी करने के आरोप में सस्पेंड होने वाले नवादा के पूर्व एसडीएम अनु कुमार को नीतीश सरकार 15 दिनों में ही निलंबन मुक्त करने वाली है. मामले में राज्य सरकार खुद फंस गयी थी. लिहाजा आनन फानन में एसडीएम को निलंबन मुक्त करने की कागजी कार्रवाई कर ली गयी है. गुरूवार को सरकारी अवकाश होने के कारण शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी होने की संभावना है.

सरकार को हुआ गलती का अहसास

गौरतलब है कि 21 अप्रैल को राज्य सरकार ने नवादा सदर एसडीओ अनु कुमार को सस्पेंड कर दिया था. राज्य सरकार ने कहा था कि अनु कुमार ने विधायक अनिल कुमार को कोटा जाकर अपनी बेटी को लाने का पास जारी करनेमें लापरवाही बरती. इस मामले में डीएम की रिपोर्ट के आधार पर एसडीओ अनु कुमार को सस्पेंड कर दिया गया था. 

दरअसल इस मामले में नीतीश सरकार की भारी फजीहत हो गयी थी. इस वाकये से पहले नीतीश कुमार बिहार से बाहर फंसे बिहारियों को वापस लाने से इंकार कर चुके थे. इसी बीच खबर आयी कि नवादा एसडीओ ने बीजेपी के विधायक को पास जारी कर दिया है. इज्जत बचाने में लगी सरकार ने एसडीओ अनु कुमार को सस्पेंड कर दिया.

लेकिन अनु कुमार के सस्पेंड होने के बाद सरकार को अपनी गलती का अहसास हुआ. दरअसल बिहार के एक दर्जन से ज्यादा जिलों में जिला प्रशासन ने रसूखदार लोगों को कोटा जाकर अपने बच्चों को लाने का पास जारी किया था. पास जारी करने वालों में कई डीएम भी शामिल थे. सोशल मीडिया पर ऐसे कई पास वायरल होने लगे थे जिन्हें सरकार के खास माने जाने वाले जिलाधिकारियों ने जारी किया था. 

फंसने के बाद सरकार का यू टर्न

नवादा के एसडीएम के निलंबन के मामले में बिहार प्रशासनिक सेवा संघ ने भी मोर्चा खोल दिया था. प्रशासनिक सेवा संघ ने पास जारी करने वाले जिलाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की थी. वैसे भी लॉकडाउन के दौरान पास जारी करने का अधिकार सिर्फ डीएम को था. लिहाजा अगर पास जारी हुआ तो इसके लिए नियमतः डीएम को ही जिम्मेवार माना जाता. जानकारों की मानें तो अपने जिलाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का साहस जुटाना नीतीश कुमार के लिए असंभव काम है. 

निलंबन से मुक्ति की कागजी कार्रवाई पूरी

सरकारी सूत्रों की मानें तो अनु कुमार का निलंबन रद्द करने का कागजी फैसला हो गया है. अब औपचारिक अधिसूचना जारी होने का इंतजार है. गुरूवार को सरकारी अवकाश होने के कारण सरकारी दफ्तर बंद हैं. लिहाजा शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी हो सकती है.