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नवादा में ऑक्सीजन के आभाव में बच्ची की मौत, खाली ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने से गई जान, देखिये वीडियो

नवादा में ऑक्सीजन के आभाव में बच्ची की मौत, खाली ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने से गई जान, देखिये वीडियो

17-Apr-2020 04:38 PM

NAWADA : बिहार के नवादा से एक ऐसा मामला सामने आया है. जिसने सबको हैरान कर दिया है. दरअसल नवादा सदर अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण बच्ची की मौत का मामला सामने आया है. मृतक बच्ची के परिजनों का आरोप है कि सिलेंडर और तार का कनेक्शन नहीं मिलने के कारण बच्ची की मौत हुई है. इस घटना के बारे में बिहार स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट सौंपी है.


नवादा जिले के राजेंद्र नगर मोहल्ले के रहने वाले राजकुमार कि 13 साल की बच्ची की मौत हो गई है. परिजनों का आरोप है कि गुड़िया की हालत खराब होने के बाद सदर अस्पताल में दाखिल कराया गया लेकिन अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही बरती जिसके कारण उसकी मौत हो गई. ऑक्सीजन के नाम पर औपचारिकता की गई. सिलेंडर और तार का कनेक्शन नहीं था उसके बावजूद ऑक्सीजन की खानापूर्ति की गई.




इस घटना को लेकर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्ची के पिता दुःख में बिलखते हुए नजर आ रहे हैं. पिता यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं क्यों कोई भी डॉक्टर या अटेंडेंट मरीज के पास नहीं है. तार (पाइप) टूटा हुआ ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया है. अस्पताल प्रबंधन के लोगों से वह पूछते हुए दिखाई दे रहा है कि क्या सरकार इस बच्ची की इलाज के लिए पैसे नहीं दी है, आप सिविल सर्जन हैं. आप जवाब दीजिये,  आप बताइये कि क्या इस सिलेंडर में ऑक्सीजन है. किसी डॉक्टर ने बच्चे को आला तक नहीं लगाया.


इस घटना का एक और वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक युवक यह कहता हुआ दिखाई दे रहा है कि ऑक्सीजन का खली सिलेंडर लगाया गया है. गौरी कैंसर से जूझ रही थी, लेकिन अस्पताल के लोगों ने उसे खाली सिलेंडर लगा दिया. ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण दम घुटने से बच्ची की मौत हुई है. इस वीडियो में बच्ची के पास किसी डॉक्टर और कम्पाउंडर के नहीं होने की बात भी कही जा रही है.


परिजनों का आरोप है कि गुड़िया की हालत खराब होने के बाद सदर अस्पताल में दाखिल कराया गया लेकिन अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही बरती जिसके कारण उसकी मौत हो गई. दूसरी तरफ सिविल सर्जन डॉ विमल कुमार ने बताया कि लड़की कैंसर पीड़ित थी. उसकी हालत काफी नाजुक थी. अस्पताल प्रशासन के द्वारा जो किया जाना चाहिए था उसे बचाने की हर कोशिश की गई. लेकिन परिजनों का आरोप है कि उसको सांस लेने में तकलीफ थी वो लोग उसे सदर अस्पताल ले गए. जहां स्टाफ ने डॉक्टर को सूचना की दी सिलेंडर खाली है लेकिन फिर उसे  वही सिलेंडर लगा दिया गया जिससे उसकी दम घुटने से मौत हो गई.