Patna news: आईएसएम पटना के 13वें दीक्षांत समारोह का आयोजन, पीजीडीएम स्नातक हुए सम्मानित Patna news: आईएसएम पटना के 13वें दीक्षांत समारोह का आयोजन, पीजीडीएम स्नातक हुए सम्मानित Bihar Crime News: न पासपोर्ट और ना ही वैध वीजा, बिहार में ट्रेन की जनरल बोगी से पकड़ा गया विदेशी नागरिक BIHAR NEWS : ज्वेलरी दुकान में लाखों की चोरी, दुकानदारों का सड़क जाम से प्रदर्शन; मचा हडकंप Patna Crime News: पटना पुलिस को मिली बड़ी सफलता, छिनतई की घटना को अंजाम देने वाले गिरोह का खुलासा; चार शातिर गिरफ्तार Patna Crime News: पटना पुलिस को मिली बड़ी सफलता, छिनतई की घटना को अंजाम देने वाले गिरोह का खुलासा; चार शातिर गिरफ्तार Bihar land acquisition : बिहार में रैयतों के लिए खुशखबरी! अब इस रेट से मिलेगा अधिग्रहित जमीन का मुआवजा; जानिए क्या है पूरी खबर Bihar Bhumi Survey: बिहार में जमीन से जुड़े मामलों में आएगी और पारदर्शिता, DCLR की ट्रेनिंग के दौरान विशेषज्ञों ने दिए जरूरी टिप्स Bihar Bhumi Survey: बिहार में जमीन से जुड़े मामलों में आएगी और पारदर्शिता, DCLR की ट्रेनिंग के दौरान विशेषज्ञों ने दिए जरूरी टिप्स Bihar News: बिहार के इस डैम में दिखा 40 साल पुराना मगरमच्छ, स्थानीय लोगों में दहशत
23-Oct-2020 07:24 AM
DESK : आज शारदीय नवरात्रि की सप्तमी तिथि है और आज धूमधाम से मां भवानी के सातवें रूप मां कालरात्रि की पूजा हो रही है. मां दुर्गा की पूजा का सातवां दिन नवरात्रि के दिनों में बहुत महत्त्वपूर्ण होता है.
मां कालरात्रि हमेशा अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं और शुभ फल देती हैं. सदैव शुभ फल देने के कारण इनको शुभंकरी भी कहा जाता है. मां कालरात्रि दुष्टों का विनाश करने के लिए जानी जाती है इस कारण इनका नाम कालरात्रि पड़ गया. देवी कालरात्रि तीन नेत्रों वाली माता है. यह काले रंग और अपने विशाल बालों को फैलाए हुए चार भुजाओं वाली दुर्गा माता है.
सिंह के कंधे पर सवार मां कालरात्रि का विकराल रूप अद्रभुत हैं और इनकी सवारी गधा है जो देवी कालरात्रि को लेकर इस संसार से बुराई का सर्वनाश कर रहा है. देवी कालरात्रि अपने हाथ में चक्र, गदा, तलवार,धनुष,पाश और तर्जनी मुद्रा धारण किए हुए है तथा माथे पर चन्द्रमा का मुकुट धारण किए हुए हैं. मां अपने भक्तों को काल से बचाती है. ऐसी मान्यता है कि मां की पूजा करने से अकाल मृत्यु नहीं आती.
नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की की पूजा के बाद इस आरती से आरती करें...
मां कालरात्रि की आरती
कालरात्रि जय-जय-महाकाली।
काल के मुह से बचाने वाली॥
दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा।
महाचंडी तेरा अवतार॥
पृथ्वी और आकाश पे सारा।
महाकाली है तेरा पसारा॥
खडग खप्पर रखने वाली।
दुष्टों का लहू चखने वाली॥
कलकत्ता स्थान तुम्हारा।
सब जगह देखूं तेरा नजारा॥
सभी देवता सब नर-नारी।
गावें स्तुति सभी तुम्हारी॥
रक्तदंता और अन्नपूर्णा।
कृपा करे तो कोई भी दुःख ना॥
ना कोई चिंता रहे बीमारी।
ना कोई गम ना संकट भारी॥
उस पर कभी कष्ट ना आवें।
महाकाली माँ जिसे बचाबे॥
तू भी भक्त प्रेम से कह।
कालरात्रि माँ तेरी जय॥