ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार दिवस समारोह के स्टॉल में लगे पुराने फूल को देख मंत्री ने लगाई फटकार, कहा..बेटी की शादी में फ्रेश फूल लगाएंगे और सरकारी काम में बासी खेत में काम कर रही महिला पर भालू ने किया हमला, इलाके में दहशत का माहौल श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल 400 रुपये पार, मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी महंगाई लॉज में रहकर तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को फ्री में गैस सिलेंडर देंगे पप्पू यादव, पूर्णिया सांसद की बड़ी पहल मुजफ्फरपुर: शहीद जगवीर राय के लिए पप्पू यादव ने दिया महाधरना, दोषियों की गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल चलाये जाने की मांग 11 साल बाद जिंदा घर लौटी 80 वर्षीया लीलावती, मृत समझ परिवारवाले हर साल मना रहे थे पुण्यतिथि हरिद्वार में जयपुरिया यात्री निवास का उद्घाटन, श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर हरिद्वार में जयपुरिया यात्री निवास का उद्घाटन, श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर मायके जा रही महिला से झपटा सोने की बाली, पकड़े जाने पर चोर ने निगला, एक्स-रे रिपोर्ट देखकर डॉक्टर रह गये हैरान पटना में खेल मंत्री रक्षा खडसे ने सराहा बिहार मॉडल, देशभर में लागू होगी मैदान निर्माण योजना

Home / news / नालंदा में स्वास्थ्यकर्मियों को सता रहा कोरोना का डर, स्क्रीनिंग का किया बहिष्कार

नालंदा में स्वास्थ्यकर्मियों को सता रहा कोरोना का डर, स्क्रीनिंग का किया बहिष्कार

20-Apr-2020 04:01 PM

By Pranay Raj

NALANDA : बिहारशरीफ पीएचसी प्रभारी चिकित्सक के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद इनके संपर्क में आए सभी अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों व आशा और आंगनवाड़ी सेविकाओं में कोरोना सैंपल जांच के लिए होड़ सी मच गई है । आलम यह हो गया है कि चिकित्सक के संपर्क में आए हर कोई अपना जांच कराना चाह रहे हैं ।


इसी को लेकर आज बिहारशरीफ सदर अस्पताल में  जांच कराने पहुंची एएनएम को काफी फजीहत का सामना करना पड़ा । सिविल सर्जन ने पहले अधिकारियों के सैंपल जांच को लेने का निर्देश दिया है । इस कारण यह लोग जब अपना सैंपल देने बिहार शरीफ सदर अस्पताल पहुंची तो सैंपल ले रहे कर्मियों ने सैंपल लेने से इंकार कर दिया ।


इससे सभी एएनएम स्वास्थ्य कर्मी प्रदर्शन करने लगी और ऐसे माहौल में ड्यूटी पर नहीं जाने को बोल रही हैं । वहीं बिहार शरीफ सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ उदय कुमार ने बताया कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों का सैंपल नहीं लेना है । डीएम का निर्देश  है कि अभी सिर्फ पीएचसी और सदर प्रखंड के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के ही सैंपल जांच में भेजे जाने हैं । इसके बाद यदि जरूरत पड़ने पर अन्य कर्मियों का सैंपल लिया जाएगा ।