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24-Apr-2020 09:45 AM
By Awnish
MOTIHARI: जिस सर्किल इंस्पेक्टर की तीन पहले तबादला हो गया था. फिर भी वह केस को लेकर लोगों से रिश्वत ले रहा था. जब इसकी जानकारी एसपी को मिली को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को भेजा. लेकिन वह पुलिस को देख फरार हो गया. मामला मोतिहारी के सुगौली का है.
रिश्वत का 30 हजार रुपए बरामद
सुगौली सर्किल इंस्पेक्टर किशोर कुमार के घर से रिश्वत में लिया गया 30 हजार रुपए समेत 61 हजार बरामद हुआ है. शिकायत मिलने पर एसपी नवीनचंद्र झा ने छापेमारी के लिए एएसपी शैशव यादव व सदर डीएसपी अरूण कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया. पुलिस अधिकारियों ने इंस्पेक्टर के सुगौली स्थित आवास पर छापेमारी की. इस दौरान रिश्वत में दिया गया 30 हजार रुपए उनके विस्तर के नीचे से बरामद हुआ. जबकि 31 हजार रुपए उनकी पत्नी के कमरे से रिकवर हुआ.
किया जाएगा सस्पेंड
एसपी नवीनचंद्र झा ने बताया कि इंस्पेक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें निलंबित किया जायेगा. चार दिन पहले इंस्पेक्टर का तबादला चकिया किया गया था. उन्हें 24 घंटे के अंदर चकिया सर्किल में योगदान देने का निर्देश दिया गया था, लेकिन उन्होंने आदेश का पालन नहीं किया. अभी तक सुगौली में जमे हुए थे स्थानांतरण के बाद भी सुगौली में रह मनसिंघा के युवक विक्की कुमार से केस में मदद के लिए 30 हजार रिश्वत की मांग की थी. युवक ने जब स्थानांतरित इंस्पेक्टर द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत कि तो आश्चर्य हुआ. पता चला कि उन्होंने अभी तक चकिया में योगदान नहीं किया है.
युवक रिश्वत में देने वाले सभी नोटों का सिरियल नम्बर लिख कर रख लिया. उसके बाद इंस्पेक्टर को जाकर रिश्वत का पैसा दिया. बरामद नोट के सिरियल नंबर का मिलान युवक द्वारा लिख कर रखे ग्रे सिरियल नंबर से किया गया तो एक ही था. एसपी ने कहा कि रिश्वत लेना गंभीर अपराध है. बताते चलें कि सुगौली थानाध्यक्ष रोहित कुमार और इंस्पेक्टर किशोर कुमार के बीच उत्पन्न विवाद के बाद एसपी ने इंस्पेक्टर का तबादला व थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया था.