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16-Mar-2024 02:19 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार में एनडीए की सरकार बनने के करीब डेढ़ महीने बाद आखिरकार कैबिनेट का विस्तार हुआ और एनडीए के सहयोगी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की तीन रोटी वाली मांग पूरी हो गई। नीतीश कैबिनेट में मांझी के बेटे संतोष सुमन को तीन विभागों का मंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही साथ वह विभाग भी बदल गया है जिसे पहली बार संतोष सुमन को दिया गया था।
दरअसल, नीतीश कुमार के पलटी मारने के बाद बिहार में 28 जनवरी को एनडीए सरकार का गठन हुआ था। महज चार विधायकों के बल पर हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा बिहार की सत्ता में सहयोगी बनी। नई सरकार में मांझी के बेटे संतोष सुमन को मंत्री बनाया गया लेकिन सरकार में सिर्फ एक मंत्री पद मांझी को मंजूर नहीं था। इसके साथ ही साथ उनके बेटे को जो विभाग मिला उसको लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई थी।
नई सरकार के फ्लोर टेस्ट से पहले जीतन राम मांझी ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और घूम घूमकर कहने लगे कि एक रोटी से उनका पेट नहीं भरने वाला है। बिहार की सत्ता की चाबी लेकर घूम रहे मांझी ने कहा था कि पेट भरने के लिए कम से कम तीन रोटी चाहिए लेकिन अगर दो रोटी भी मिलता है तो काम चल जाएगा। इसके साथ ही साथ मांझी ने बेटे को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग मिलने पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि हमलोगों को हमेशा वही विभाग दिया जाता है, बड़ा विभाग क्यों नहीं दिया जाता है।
फ्लोर टेस्ट के दौरान यह कयास लगाए जाने लगे की मांझी पलटी मारेंगे हालांकि, बाद में सामने से आकर उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे एनडीए का साझ किसी भी हाल में नहीं छोड़ेंगे। सरकार के फ्लोर टेस्ट के बाद मांझी के बेटे संतोष सुमन को एक और विभाग सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री का दायित्व सौंपा गया लेकिन अब जब नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ तो मांझी की मांग पूरी हो गई।
संतोष सुमन को तीन विभागों का मंत्री बनाया गया है जबकि उनके पुराने विभाग अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कल्याण को बदल दिया गया है। संतोष सुमन को लघु जल संसाधन, आपदा प्रबंधन और सूचना प्रावैधिकी विभाग का मंत्री बनाया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि जीतन राम मांझी की तीन रोटी वाली मांग अब पूरी हो गई है।