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15-Apr-2020 07:28 PM
PATNA : कोरोना महामारी के कारण देशभर में लागू लॉक डाउन ने एक तरफ जहां विकास की रफ्तार धीमी कर दी है. वहीं पटना नगर निगम अपने आपको इसी लॉक डाउन में हाईटेक बनाने में जुटा हुआ है. पटना नगर निगम अब जल्द ही इंटेलिजेंट सॉलि़ड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट की शुरुआत करने जा रहा है. पटना में डोर टू डोर कचरा पिकअप सेवा के साथ जुड़े. इस प्रोजेक्ट के लागू होने से अब घर में बैठे लोग अपने मोबाइल पर ही कचरा गाड़ी का लोकेशन जान पाएंगे.
पटना नगर निगम की तरफ से राजधानी के सभी 75 वार्डों में डोर टू डोर सेवा के तहत कचरा का उठाओ किया जा रहा है. निगम की तरफ से लगातार कचरा गाड़ी, ई-रिक्शा, इन विंटर बास्केट और ओपन पेपर के जरिए कचरा का उठाव किया जा रहा है, लेकिन अब पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की तरफ से इंटेलिजेंट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट की शुरुआत होने जा रही है.
इस प्रोजेक्ट के तहत पटना नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सभी घरों और प्रतिष्ठानों की दीवार पर QRs-Code का टैग लगाया जायेगा. सफाई निरीक्षक क्यूआर कोड रीडर और स्मार्टफोन से लैस होंगे घर से कचरा का उठाव करने के बाद क्यूआर टैग को निरीक्षक स्कैन करेंगे. जिसके बाद घर के मालिक या प्रतिष्ठान के उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कंफर्मेशन मैसेज जायेगा. यह मैसेज इस बात का प्रमाण होगा कि कचरा का उठाव कर लिया गया है.
साथ ही साथ कचरा गाड़ी की लोकेशन ट्रैक करने के लिए भी मोबाइल का इस्तेमाल किया जा सकता है. एक ऐप के जरिए कचरा उठा वाली गाड़ियों का रियल टाइम लोकेशन जाना जा सकता है. इतना ही नहीं पटना नगर निगम अपने कर्मियों को अब बायोमैट्रिक अटेंडेंस की सुविधा भी देगा. निगम की तरफ से जगह-जगह पर बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लगाया जायेगा. निगम कर्मी सीधे अपनी ड्यूटी पर रहते हुए बार मैट्रिक के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे. इंटेलिजेंट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर 13 से 14 करोड़ का खर्च आने का अनुमान है. इसके लिए जल्द ही एजेंसी का चयन किया जाएगा और अप्रैल के अंत तक के निविदा प्रक्रिया शुरू होगी.