ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार दिवस समारोह के स्टॉल में लगे पुराने फूल को देख मंत्री ने लगाई फटकार, कहा..बेटी की शादी में फ्रेश फूल लगाएंगे और सरकारी काम में बासी खेत में काम कर रही महिला पर भालू ने किया हमला, इलाके में दहशत का माहौल श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल 400 रुपये पार, मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी महंगाई लॉज में रहकर तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को फ्री में गैस सिलेंडर देंगे पप्पू यादव, पूर्णिया सांसद की बड़ी पहल मुजफ्फरपुर: शहीद जगवीर राय के लिए पप्पू यादव ने दिया महाधरना, दोषियों की गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल चलाये जाने की मांग 11 साल बाद जिंदा घर लौटी 80 वर्षीया लीलावती, मृत समझ परिवारवाले हर साल मना रहे थे पुण्यतिथि हरिद्वार में जयपुरिया यात्री निवास का उद्घाटन, श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर हरिद्वार में जयपुरिया यात्री निवास का उद्घाटन, श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर मायके जा रही महिला से झपटा सोने की बाली, पकड़े जाने पर चोर ने निगला, एक्स-रे रिपोर्ट देखकर डॉक्टर रह गये हैरान पटना में खेल मंत्री रक्षा खडसे ने सराहा बिहार मॉडल, देशभर में लागू होगी मैदान निर्माण योजना

Home / news / कोरोना स्क्रीनिंग का विरोध करने पर नालंदा में JDU नेता गिरफ्तार, ANM और...

कोरोना स्क्रीनिंग का विरोध करने पर नालंदा में JDU नेता गिरफ्तार, ANM और सेविका के साथ की बदतमीजी

17-Apr-2020 05:32 PM

NALNDA: सिलाव जदयू के मंडल नगर अध्यक्ष को पुलिस ने किया गिरफ्तार कर लिया है. नेता ने कोरोना स्क्रीनिंग के दौरान एएनएम और सेविका के साथ बसलूकी की थी. पुलिस ने यह कार्रवाई सिलाव में की थी.

 स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना वायरस के खतरा को देखते हुए हर घर को स्क्रीनिंग कराया जा रहा. लेकिन स्क्रीनिंग करने पहुंच रही महिलाओं के साथ लगातार बदसलूकी की जा रही है ताजा मामला सिलाव का है जहां होम स्क्रीनिंग करने पहुंची एएनएम और आंगनबाड़ी की सेविका के साथ जदयू के मंडल नगर अध्यक्ष सतेंद्र चौधरी द्वारा पहले तो बदसलूकी किया और जब महिला वहां से भाग कर एक घर में जा छिपी तो उस घर से भी जदयू नेता महिलाओं को निकाला चाहा.


इस दौरान स्क्रीनिंग कर रही आंगनबाड़ी की सेविका ने सिलाव सीडीपीओ को फोन पर इस घटना की सूचना दिया तो सीडीपीओ ने सिलाव थाना की पुलिस के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर जदयू नेता को हिरासत में लेकर स्क्रीनिंग का काम शुरू कराया गय. ऐसे में सवाल यह उठता है की जब सत्ता पक्ष के ही नेता होम स्क्रीनिंग का विरोध करेंगे तो सरकार का यह अभियान कैसे सफल होगा.