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03-May-2024 07:03 AM
By First Bihar
PATNA : बिहार में लोकसभा चुनाव की चर्चा के साथ एक और खबर सुर्ख़ियों में बना हुआ है। यह खबर सूबे के राज्यपाल और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव से जुड़ा हुआ है। इन दोनों के बीच राजभवन और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के बीच कथित तौर पर तनातनी चल रही है। इसके बाद अब राज्यपाल सह कुलाधिपति राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के निर्देश पर बैठक बुलायी गई इस बैठक में वर्तमान समय में स्नातक और स्नात्कोत्तर में विद्यार्थियों के नामांकन की स्थिति की जानकारी ली जाएगी। इस बैठक में के के पाठक को भी बुलाया गया है।
राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल चोंग्थू ने इसको लेकर सभी कुलपतियों को गुरुवार को पत्र भेजा है। इस पत्र में कुलपतियों को कहा गया है कि उक्त विषयों पर रिपोर्ट तीन मई तक राजभवन को भेज दें। इससे पहले भी राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने केके पाठक को 15 अप्रैल 2023 को तलब करते हुए अपने ऑफिस में बुलाया था लेकिन वो नहीं पहुंचे।
वहीं, इससे पहले भी राजभवन की ओर दो बार कुलपतियों की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें पाठक को भी बुलाया गया था, लेकिन उस वक्त में वो नहीं गए थे। अब एक बार फिर राजभवन ने 6 मई को राज्य के सभी विश्वविद्यालों के कुलपतियों की बैठक बुलाई है, जिसमें केके पाठक को भी आमंत्रित किया गया है। राजभवन और शिक्षा विभाग के बीच विश्वविद्यालयों के मुद्दे पर लंबे समय से टकराव चल रहा है।
आपको बताते चलें कि, केके पाठक ने फरवरी और मार्च महीने में कई बार यूनिवर्सिटी के वीसी समेत अन्य पदाधिकारियों की बैठक बुलाई। मगर एक भी बैठक में कोई वीसी शामिल नहीं हुए। राज्यपाल ने उन्हें बैठक में जाने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पाठक के विभाग ने कुलपतियों के वेतन और विश्वविद्यालयों के खाते पर रोक लगा दी थी। इससे वीसी भी केके पाठक से नाराज चल रहे हैं।