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जमुई के तारापुर विधानसभा क्षेत्र में दोपहर एक बजे तक नहीं पड़ा था एक भी वोट, बस भेजकर मतदाताओं को लाया गया मतदान केंद्र तक

जमुई के तारापुर विधानसभा क्षेत्र में दोपहर एक बजे तक नहीं पड़ा  था एक भी वोट, बस भेजकर मतदाताओं को लाया गया मतदान केंद्र तक

19-Apr-2024 04:28 PM

By First Bihar

JAMUI : जमुई लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाले मुंगेर के तारापुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या- 258 गायघाट प्राथमिक विद्यालय में दोपहर एक बजे तक एक भी वोट नहीं पड़ा था। जब यह बात मीडिया में आई तब इसका असर हुआ और निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने वहां बस भेजकर गांव से वोटरों को मंगवाया और उनसे मतदान करवाया गया। मतदान करके गांव के लोग काफी खुश हैं। मतदान केंद्र काफी दूर रहने के कारण ये वोट डालने ही नहीं गये। लेकिन जब इस बात की जानकारी हुई तब इन लोगों को विशेष वाहन से मतदान केंद्र तक लाया गया। 


मुंगेर जिला अंतर्गत तारापुर विधानसभा क्षेत्र जो जमुई लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, इस क्षेत्र में 53 नक्सल प्रभावित बूथ हैं। जहां 5 बूथों को उनके मूल स्थान से हटाकर अन्य सुरक्षित स्थानो पर शिफ्ट कर दिया गया है। लेकिन इसका साइड इफेक्ट यह हुआ कि भीमबांध जंगल के अंदर वन विभाग के गेस्ट हॉउस में जो मतदान केंद्र बनाया था, उसे वहां से हटाकर करीब 20- 25 किलोमीटर दूर जमुई-खड़गपुर मुख्य मार्ग के एक गांव गायघाट के प्राथमिक विद्यालय में स्थापित किया गया है। लेकिन आज जब मतदान शुरू हुआ तो एक भी वोटर इस मतदान केंद्र पर लगभग दोपहर एक बजे तक नही पहुंचा। गांव से काफी दूर मतदान केंद्र होने के कारण कोई वोटर यहां नही पहुंचा था।


यह बात जब मीडिया में आई तब निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन हरकत में आया और वहां के वोटरों को बस से मतदान केंद्र तक लाया गया। मतदाताओं को वोटिंग के लिए लाइन में लगवाया गया और फिर वहां मतदान शुरू हों सका। खड़गपुर के एसडीओ राजीव राजहंस ने बताया कि सभी मतदाताओं को बस से यहां ले आया गया है। यहां के ग्रामीण जीविकोपार्जन के लिए जंगलों में महुआ चुनने चले गए थे। जिसके कारण वे नही आ सके। अब उन लोगों को मतदान केंद्र तक लाया गया है।  


साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि उन लोगों को पता था कि उनका मतदान केंद्र नही बदला गया है। पर अचानक मतदान केंद्र बदलकर गायघाट कर दिया गया। मतदान केंद्र के गांव से काफी दूर होने के कारण ग्रामीण मतदान करने नही जा सके और सभी अपने-अपने काम पर निकल गए। जिसके बाद जिला प्रशासन के द्वारा उन्हें लाने के लिए बस भेजा गया तब सैकड़ों महिला और पुरुष मतदाता यहां पहुंच सके और अब अपना मतदान कर रहे है ।