ब्रेकिंग न्यूज़

मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज

हो गया फाइनल...,लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे वरुण गांधी, मां के लिए करेंगे प्रचार

हो गया फाइनल...,लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे वरुण गांधी, मां के लिए करेंगे प्रचार

27-Mar-2024 12:15 PM

By First Bihar

PATNA : भाजपा नेता वरुध गांधी इस दफे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनकी टीम ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी और कहा कि वरुण अपनी मां मेनका गांधी के लिए सुल्तानपुर में चुनाव प्रचार पर फोकस करेंगे। भारतीय जनता पार्टी ने वरुण गांधी को इस बार लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया है।  उनकी जगह जितिन प्रसाद को बीजेपी ने चुनाव मैदान में उतारा है। 


वहीं,वरुण की मां मेनका गांधी को भाजपा ने सुल्तानपुर से फिर टिकट दिया है। हालांकि, वरुण गांधी नामांकन पत्र खरीदा था, जिसके बाद ऐसी चर्चाएं थीं कि वह बीजेपी से बगावत करके पीलीभीत से निर्दलीय लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन , अब उनकी टीम ने बयान जारी कर इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। 


मालूम हो कि, वरुण गांधी 2004 में BJP में शामिल हुए थे। पार्टी ने उन्हें 2009 में पहली बार पीलीभीत से लोकसभा का टिकट दिया और वह सांसद बने। उसके बाद साल 2013 में वरुण गांधी को भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया और इसी साल पार्टी ने उन्हें पश्चिम बंगाल का प्रभारी बनाया। 2014 में पार्टी ने वरुण को उनकी मां मेनका गांधी की सीट सुल्तानपुर से चुनावी मैदान में उतारा।  मेनका खुद पीलीभीत से चुनाव लड़ीं और दोनों ने अपनी-अपनी सीट से जीत दर्ज की। उसके बाद 2019 में बीजेपी ने फिर दोनों का सीट बदल दिया गया और मेनका सुल्तानपुर आ गईं और वरुण पीलीभीत वापस चले गए। इस बार भी मां और बेटे ने अपनी-अपनी सीटों से जीत दर्ज की। 


उधर,पिछले साल राहुल गांधी से एक इंटरव्यू के दौरान पूछा गया था कि क्या उनके चचेरे भाई वरुण कांग्रेस में लौटें तो उनका स्वागत होगा? इस पर पूर्व पार्टी अध्यक्ष ने कहा था कि हमारी विचारधाराएं मेल नहीं खाती हैं। राहुल गांधी ने कहा था, 'उन्होंने (वरुण गांधी) किसी समय, शायद आज भी, उस विचारधारा (भाजपा की विचारधारा) को स्वीकार किया और उसे अपना बना लिया। मैं उस बात को कभी स्वीकार नहीं कर सकता।  मैं उनसे मिल जरूर सकता हूं, उन्हें गले लगा सकता हूं, लेकिन उस विचारधारा को स्वीकार नहीं कर सकता, जिससे वह जुड़े हैं. मेरे लिए असंभव है।