ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar police : बिहार के इस जिले में दो SHO हुए सस्पेंड, SSP कांतेश कुमार मिश्रा की बड़ी कार्रवाई; लापरवाही पर गिरी गाज Bihar River: विजय सिन्हा के दावों की खुली पोल ! ट्रकों से नहीं हाईवा से धड़ल्ले से हो रहा अवैध बालू खनन; DM ने जांच का दिया आदेश Bihar Police : वर्दी का सपना होगा पूरा! बिहार पुलिस SI भर्ती 2026 का सुनहरा मौका, जानें आवेदन की आखिरी तारीख Bihar Budget Session 2026 : विधानसभा में आज बजट पर बोलेंगे तेजस्वी यादव, NEET छात्रा मौत को लेकर कानून व्यवस्था पर विपक्ष उठाएगा सवाल Bihar Cabinet Meeting : Bihar Cabinet Meeting: आज होगी सीएम नीतीश की अहम कैबिनेट बैठक, सदन की कार्यवाही के बाद बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर Bihar Vigilance : हिरासत में लिए गए ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर, घर से मिली मिली अकूत संपत्ति Rajgir Cricket Stadium : राजगीर में बना बिहार का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, इस साल से ipl मैचों की उम्मीद Bihar weather update :बिहार में बदला मौसम का मिजाज: बारिश, घना कोहरा और बढ़ता AQI, अलर्ट जारी मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: TOP-10 अपराधी और गांजा तस्कर नरेश यादव गिरफ्तार झारखंड के बोकारो में हाथियों का तांडव, एक ही परिवार के 3 लोगों की रौंदा

ट्रैफिक चेकिंग के दौरान पब्लिक को परेशान करने पर हाईकोर्ट नाराज : केंद्र और राज्य सरकार किया जवाब तलब, SOP के तहत चेकिंग का दिया निर्देश

ट्रैफिक चेकिंग के दौरान पब्लिक को परेशान करने पर हाईकोर्ट नाराज : केंद्र और राज्य सरकार किया जवाब तलब, SOP के तहत चेकिंग का दिया निर्देश

27-Sep-2019 06:03 PM

By DEV KUMAR PANDEY

PATNA: संशोधित मोटर वाहन कानून के तहत वाहन चेकिंग के दौरान पब्लिक को प्रताड़ित करने के खिलाफ दायर हुई जनहित याचिका को सुनते हुए पटना हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है.

न्यायमूर्ति शिवाजी पांडेय और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी की खंडपीठ ने राजेश सिंह की जनहित याचिका को सुनते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वाहन के लाइसेंस और कागजातों की जांच के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिड्यूर (एसओपी) अपनाने का भी निर्देश दिया. जिसमें वाहन के दस्तावेजों की जांच एम परिवहन एप के जरिये हो सके.

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता जो खुद हाई कोर्ट में एडवोकेट हैं. उन्होंने गुहार लगाई कि बिहार जैसे राज्य जहां प्रति व्यक्ति आय कम है, वहां  के लिए संशोधित जुर्माने की राशि बहुत ज़्यादा है. याचिकाकर्ता के इस दलील पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से भी जवाब तलब किया है. मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी.