ब्रेकिंग न्यूज़

मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज

पूर्व CM जीतन राम मांझी ने PM मोदी को लिखा पत्र, लॉकडाउन बढ़ाये जाने पर गरीबों के लिए मांगी छूट

पूर्व CM जीतन राम मांझी ने PM मोदी को लिखा पत्र, लॉकडाउन बढ़ाये जाने पर गरीबों के लिए मांगी छूट

09-Apr-2020 07:15 PM

PATNA : कोरोना संकट के बीच लॉक डाउन बढ़ाए जाने की संभावनाओं को देखते हुए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. मांझी ने प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में बिहार सहित देश के अन्य हिस्सों में गरीबों के सामने लॉक डाउन के बीच उठने वाली परेशानियों की चर्चा की है. 


हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने करोना संकट के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. बिहार सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री उन्होंने कहा कि 30 जनवरी से पूर्व ही इस बीमारी की जानकारी हो गई थी, परंतु हमारे देश के प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति के स्वागत में लगे हुए थे. उन्होंने यह भी कहा कि उनके स्वागत का इनाम धमकी से मिला है. इस गलती के लिए मोदी जी को देश से माफी मांगनी चाहिए. अगर वह समय रहते कारगर कदम उठा लिए होते तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती. 


हम के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पांडेय ने बताया कि अमेरिकी प्रधानमंत्री के द्वारा दिया गया धमकी दुर्भाग्यपूर्ण है. देश को उनके धमकी में नहीं आना चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री के फैसले पर उंगली उठाते हुए कहा कि पूरे देश के लिए दवा का स्टॉक रखने के बाद ही दूसरे लोगों को दवा देने की बात होनी चाहिए. जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों द्वारा अधिक दामों सामग्री का बिक्री करने की शिकायत लगातार मिल रही है.