ब्रेकिंग न्यूज़

मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज

मरकज के पास पहुंचे लोगों का मोबाइल लोकेशन हुआ डिटेक्ट, साढ़े चार हजार से ज्यादा लोग रडार पर

मरकज के पास पहुंचे लोगों का मोबाइल लोकेशन हुआ डिटेक्ट, साढ़े चार हजार से ज्यादा लोग रडार पर

07-Apr-2020 07:56 AM

PATNA : दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी मरकज के आसपास जिन बिहारियों का मोबाइल लोकेशन पाया गया उनको नीतीश सरकार ने रडार पर ले लिया है। राज्य स्वास्थ्य समिति की तरफ से ऐसे साढ़े चार हजार से ज्यादा लोगों की लिस्ट बनाई गई है जो तबलीगी मरकज के आसपास के लोकेशन में रहे हैं। सरकार ने इसके लिए मोबाइल लोकेशन को डिटेक्ट करते हुए ऐसे लोगों की पहचान की है। 


दरअसल केंद्र सरकार ने दिल्ली स्थित तबलीगी मरकज के आसपास लड़ाई 200 से 300 मीटर के दायरे में लगभग 6000 मोबाइल नंबरों की पहचान कर बिहार को भेजा था। इनमें से साढ़े चार हजार मोबाइल नंबर बिहार से रजिस्टर्ड हैं। राज्य स्वास्थ्य समिति ने अब इन मोबाइल नंबरों के साथ सभी जिलों में डाटा भेज दिया है। सरकार अब ऐसे संदिग्धों को सर्विलांस पर ले रही है। 


राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार के मुताबिक इस सूची में शामिल मोबाइल नंबरों को मरकज की बैठक में शामिल नहीं माना जा रहा है लेकिन दिल्ली के जिस इलाके में मरकज हुई उसके आसपास के लोकेशन के आधार पर इन मोबाइल नंबरों का डाटाबेस तैयार किया गया है। इस बात की आशंका है कि मरकज के आसपास लोग संक्रमण के वाहक हो सकते हैं लिहाजा इनकी पहचान की जा रही है। हालांकि अब तक जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक ज्यादातर नंबर अभी भी दिल्ली में ही सक्रिय हैं।