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13-May-2020 08:15 AM
PATNA : लॉकडाउन के बीच पूरे देश में आर्थिक मंदी का दौर चल रहा है। पटना के बाजार को भी एक हजार करोड़ से ज्यादा के नुकसान का अनुमान है। लॉकडाउन के बीच अभी भी कई तरह की दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं है जिससे ये नुकसान और भी ज्यादा बढ़ेगा।
लॉकडाउन के बाद पटना का बाजार एक हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान उठा चुका है। 31 मई के पहे कपड़ा और ज्वेलरी बाजार खुलने के कोई अनुमान नहीं हैं जिससे नुकसान और भी ज्यादा बढ़ेगा। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के मुताबिक बाजार को रफ्तार पकड़ने के लिए सप्लाई चेन का दुरूस्त होना आवश्यक है।
व्यवसायी महासंघ के सदस्यों का कहना है कि बाजार में न तो खरीदार है और न ही मजदूर। ऐसे में लॉकडाउन तीन में मिली छूट का कोई असर नहीं दिख रहा है। इधर कपड़ा व्यवसायियों को चूहों का डर सता रहा है। उन्हें दुकान खोलने की छूट अब तक नहीं मिली है। अन्य सेक्टर में लॉकडाउन में मिली छूट को लेकर कोई खास उत्साह नहीं दिख रहा है।
व्यवसायियों की माने तो लॉकडाउन के पचास दिनों की भरपाई के लिए सालों कड़ी मेहनत करनी होगी तभी उद्योग-व्यवसाय पटरी पर आ सकेगा। लॉकडाउन में छूट का कोई असर नहीं दिख रहा है। लाखों दुकान बंद पड़े हैं। बाजार में ग्राहक नहीं है। माल तैयार है तो उसे खपाने की मुश्किल है।