ब्रेकिंग न्यूज़

कौन होगा बिहार का नया सीएम? मीडिया के इस सवाल पर बोले आनंद मोहन, कहा..BJP में पर्ची से तय होता है नाम बेगूसराय में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: 12 हजार घूस लेते आपूर्ति पदाधिकारी और डीलर गिरफ्तार घूसखोर ESI की गिरफ्तारी का विरोध: परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने किया काम-काज ठप चिराग के सामने नरम पड़े पारस, करने लगे पार्टी और परिवार को एक करने की मांग, कहा..भतीजा CM बनें तो खुशी होगी नीतीश के गृह क्षेत्र नालंदा का मामला पप्पू यादव ने लोकसभा में उठाया, कहा..दोषियों को मिले फांसी की सजा बिहार में भीषण सड़क हादसा: बाप-बेटा समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत, दो बाइक की हुई सीधी भिड़ंत बिहार में भीषण सड़क हादसा: बाप-बेटा समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत, दो बाइक की हुई सीधी भिड़ंत वाहन चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, 5 शातिर गिरफ्तार; भारी मात्रा में चोरी के गाड़ियां बरामद वाहन चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, 5 शातिर गिरफ्तार; भारी मात्रा में चोरी के गाड़ियां बरामद छपरा में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, 7 एकड़ में लगी गेहूं की फसल जलकर राख

Home / news / वापस लौटने वाले प्रवासी बिहारियों पर नीतीश सरकार ने फिर मारी पलटी, अब...

वापस लौटने वाले प्रवासी बिहारियों पर नीतीश सरकार ने फिर मारी पलटी, अब सरकारी सेंटर के बजाये होम क्वारंटीन में रहेंगे लोग

04-May-2020 04:21 PM

PATNA : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले तीन दिनों से लगातार बैठक कर बिहार वापस लौट रहे लोगों को सरकारी क्वारंटीन सेंटर में रखने की समीक्षा कर रहे थे. नीतीश कुमार वापस लौटने वाले बिहारियों को  बढ़िया भोजन, आवास और मेडिकल सुविधा देने के दावे कर रहे थे.  लेकिन उनकी सरकार ने अचानक से यू टर्न मार लिया है. सरकार ने बिहार वापस लौटने वाले बिहारियों को सरकारी सेंटरों के बजाय अपने घर में क्वारंटीन रहने का फरमान जारी कर दिया है.


सरकार ने जारी किया नया फरमान
राज्य सरकार के स्वास्थ्य  विभाग ने आज नया फरमान जारी किया. बिहार लौटने वाले लोग अब अपने घरों में भी रह सकते हैं. उन्हें सेल्फ क्वारंटीन के गाइडलाइन का पालन करना होगा. स्वास्थ्य विभाग के फरमान के मुताबिक लोग सेल्फ और होम क्वारंटीन का घोषणा पत्र भरने के बाद अपने घर में रह सकेंगे. इसके लिए बकायदा शपथ पत्र बनाकर जारी कर दिया गया है.


सरकार ने क्यों बदला नियम
कल ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक की थी. नीतीश ने कहा था कि सभी प्रखंड और पंचायत में क्वारंटीन सेंटरों में बेहतरीन व्यवस्था होनी चाहिये. इससे पहले राज्य सरकार ने कहा था कि बिहार वापस लौटने वाले को हर हाल में सरकारी क्वारंटीन सेंटर में रहना होगा.


सरकारी सूत्र बता रहे हैं कि सत्ता में बैठे लोगों को अंदाजा हो गया है कि बिहार वापस लौटने वाले सभी लोगों को क्वारंटीन सेंटर पर रखने और वहां उनके लिए व्यवस्था करना संभव नहीं है. हां, इससे सरकार की फजीहत होना जरूर तय हो गया था. लिहाजा व्यवस्था बदल दी गयी है. अब लोगों को अपने घर में रहने की छूट दे दी गयी है. जाहिर तौर पर थोड़ा भी सक्षम व्यक्ति सरकारी सेंटर पर रहने के बजाय अपने घर में रहना ज्यादा पसंद करेगा. ऐसे में सरकार पर से बोझ बेहद कम हो जायेगा.