मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज
06-Apr-2024 05:03 PM
By First Bihar
PATNA: नीतीश कुमार की पार्टी में स्व. बीपी मंडल के पोते निखिल मंडल के साथ अजीबोगरीब खेल हो गया है। निखिल मंडल यह उम्मीद लगाकर बैठे थे कि पार्टी उन्हें लोकसभा चुनाव में मधेपुरा से टिकट देगी। लेकिन पार्टी ने टिकट बांटते समय उनके नाम पर चर्चा तक नहीं की। अब निखिल मंडल के साथ नया खेला हो गया है।
प्रवक्ता बनाकर हटाया
दरअसल, लोकसभा चुनाव को लेकर जेडीयू ने अपने प्रवक्ताओं की टीम को बड़ा किया है। आज चार नये प्रवक्ता और 10 मीडिया पैनलिस्ट बनाये गये हैं। निखिल मंडल के साथ इसमें भी खेल हो गया। एक दिन पहले जेडीयू ने अपने प्रवक्ताओं की जो सूची तैयार की थी, उसमें निखिल मंडल का नाम शामिल था। लेकिन एक दिन बाद ही उस सूची को रद्द कर नया लिस्ट जारी कर दिया गया है। जिससे निखिल मंडल का नाम ही हटा दिया गया। यानी जेडीयू ने निखिल मंडल को प्रवक्ता बनाने लायक भी नहीं समझा।
बौखलाकर प्रदेश अध्यक्ष को हैसियत बतायी
इस वाकये के बाद निखिल मंडल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को जमकर कोसा है। निखिल मंडल ने लिखा है कि कल जदयू की चुनाव अभियान समिति की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने तीन नए प्रवक्ताओं की सूची जारी की, जिसमें मुझे भी जगह दी गई थी। यह सूची मीडिया के साथियों को भी भेज दी गई थी। फिर पार्टी ऑफिस से खबर आयी कि प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने लिस्ट रोक दिया है और कल संशोधित लिस्ट जारी की जाएगी। आज जब लिस्ट जारी की गई तो सारे पुराने नाम उसमें शामिल हैं, सिर्फ मेरा नाम हटा दिया गया है।
निखिल मंडल ने अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को हैसियत बताते हुए लिखा है कि उमेश कुशवाहा ग़लतफ़हमी के शिकार हो गए हैं। निखिल ने लिखा है कि यह पार्टी ना उमेश कुशवाहा की है, ना मेरी है। यह पार्टी सिर्फ़ और सिर्फ़ नीतीश कुमार की है, जो मेरे राजनीतिक गुरु हैं और पहले भी उन्होंने ही मुझे प्रवक्ता बनाया था। पिछली कमेटी में मुझे प्रदेश प्रवक्ता नीतीश कुमार जी ने ही बनाया था। प्रदेश अध्यक्ष जी, आपकी कृपा से ना राजनीति में हूं और ना किसी पद पर हूं। वर्ष 2020 का विधानसभा चुनाव आप भी हारे और मैं भी हारा। आप प्रदेश अध्यक्ष हैं तो नीतीश कुमार जी के आशीर्वाद से, ना कि अपनी क़ाबिलियत से।
बौखलाये निखिल मंडल ने कहा है कि पार्टी में पिछले 19 साल से कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहा हूं और नीतीश कुमार जी के हाथों को ना सिर्फ़ मैं बल्कि मेरा पूरा परिवार मज़बूत कर रहा है। राजनीति करनी है तो दिल बड़ा करके कीजिए। ऐसे काम तो बच्चे भी नहीं करते हैं। कल से आज तक के घटनाक्रम की सूची डाल रहा हूं। ख़ुद ही तय कीजिए कि पार्टी को मज़बूत किया जा रहा है या फिर कमजोर!
निखिल मंडल ने लिखा है कि राजनीति में हूं, मेहनत करता हूं, पर सम्मान से समझौता नहीं करता। मेरे रगों में बीपी मंडल साहब का खून दौड़ता है। आगे फ़ैसला हम सबके नेता नीतीश कुमार जी को लेना है कि मेरी भूमिका पार्टी में क्या होगी।