क्लीनिक को डॉक्टर ने बनाया सेक्स रैकेट का अड्डा, 400 रुपए फीस लेकर चला रहा था जिस्मफरोशी का धंधा पटना के बाद अब इस जिले में बनेगा 16 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव, बिहार सरकार के मंत्री का एलान पटना के बाद अब इस जिले में बनेगा 16 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव, बिहार सरकार के मंत्री का एलान पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस के पहिये से उठा धुआं, रेल यात्रियों में मची अफरातफरी पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस के पहिये से उठा धुआं, रेल यात्रियों में मची अफरातफरी कमांडो कैंप पर रॉकेट-ग्रेनेड से हमला, 4 जवान घायल मिलावटी दूध पीने से 16 लोगों की मौत, 3 ICU में भर्ती बिहार में भूमि विवाद को लेकर हिंसक झड़प, फर्नीचर दुकान में लूटपाट के बाद लगाई आग; दोनों पक्ष से कई लोग घायल बिहार में भूमि विवाद को लेकर हिंसक झड़प, फर्नीचर दुकान में लूटपाट के बाद लगाई आग; दोनों पक्ष से कई लोग घायल पटना में रामनवमी को लेकर जिला प्रशासन ने कसी कमर, महावीर मंदिर इलाके में हाई अलर्ट; चप्पे-चप्पे पर रहेगी पैनी नजर
05-Jun-2020 04:04 PM
DELHI : प्रवासी मजदूरों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवायी हुई है। बिहार सरकार ने कोर्ट को बताया कि 28 लाख लोग बिहार लौटे हैं। इन सभी लोगों को रोजगार मुहैया कराए जाने के लिए बिहार सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों से कहा कि हम आपको 15 दिन का वक्त देना चाहते हैं ताकि आप देशभर में फंसे सभी प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचा सकें। कोर्ट ने राज्यों से कहा कि जो मजदूर वापस आ रहे हैं, उनके लिए आवश्यक तौर पर रोजगार का इंतजाम किया जाए।
सुनवाई के दौरान केंद्र ने कोर्ट को बताया कि प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए 3 जून तक 4200 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। करीब एक करोड़ लोगों को उनके मूल निवास स्थान तक पहुंचाया गया है। वहीं बिहार सरकार की तरफ से वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार ने कोर्ट को बताया कि 28 लाख लोग बिहार लौटे हैं। इन सभी लोगों को रोजगार मुहैया कराए जाने के लिए बिहार सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 28 मई को इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रेन और बस से सफर कर रहे प्रवासी मजदूरों से कोई किराया ना लिया जाए। यह खर्च राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें उठाएं।स्टेशनों पर खाना और पानी राज्य सरकारें मुहैया करवाएं और ट्रेनों के भीतर मजदूरों के लिए यह व्यवस्था रेलवे करे। बसों में भी उन्हें खाना और पानी दिया जाए।