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04-Oct-2021 03:04 PM
PATNA : बिहार में भारत और नेपाल की सीमा पर मवेशियों की तस्करी के मामले लगातार सामने आते रहे हैं. भारत-नेपाल सीमा पर मवेशी की तस्करी चरम पर है और इसपर नकेल कसने के लिए लगातार सीमा सुरक्षा बल की ओर से विशेष अभियान चलाया जाता है. इसी मामले को लेकर सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने एक ऐसा मामला सामने आया, जिसे जानकार सीएम भी चौंक गए. दरअसल 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में पहुंचे सीतामढ़ी जिला परिषद के सदस्य ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि बेला के थानेदार ने पशु तस्करों के साथ मिलकर लगभग 2000 गायों को मरवा दिया.
जनता दरबार में पहुंचे सीतामढ़ी जिला परिषद के सदस्य ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा कि "सीतामढ़ी जिला अंतगर्त बेला थाना के थानेदार ने 2000 गायों को तस्करों के हाथों बेच दिया. जिन्होंने इन गायों की हत्या कर दी. मैंने पिछले तीन साल में बिहार के कई अधिकारी और पदाधिकारी से शिकायत की. लेकिन आजतक मुझे इंसाफ नहीं मिला. नेपाल से जो मवेशी तस्करी के लिए लाये जाते हैं, उन्हें एसएसबी वाले पकड़कर बेला थाना को दे देते हैं और फिर थानाध्यक्ष उन गायों को तस्करों के साथ में बेच देते हैं. जबकि एसएसपी को पकड़ी गई गायों या अन्य मवेशियों को सीतामढ़ी गौशाला में देना चाहिए. थानाध्यक्ष ने सात आदमी के साथ मिलकर दो हजार गायों को बेचा है. लेकिन शिकायत करने पर उल्टे मुझे जिला प्रशासन द्वारा ही फंसाते हैं."
शख्स ने मुख्यमंत्री से आगे कहा कि "घटना परसों की है. जनता दरबार में आने की खबर मिलते ही डीएसपी ने मुझे बुलाया और धमकाया कि सीएम के जनता दरबार में तुमको नहीं जाना है. तुम्हारा चुनाव होने वाला है. अगर तुम जाओगे, तो तुमको डिस्टर्ब करेंगे. जब मैंने बात नहीं मानी तो डीएसपी ने 2 अक्टूबर के डेट में तीन लोगों पर एफआईआर कर दिया."
जनता दरबार में जिला परिषद सदस्य, सीतामढ़ी
सीतामढ़ी जिला परिषद के सदस्य की शिकायत सुनकर खुद मुख्यमंत्री के भी होश उड़ गए. उन्होंने दौरान बिहार के डीजीपी एसके सिंघल को फोन घुमाया और तत्काल इस मामले को देखने का आदेश दिया. सीएम ने पुलिस महानिदेशक के पास युवक को भेजते हुए कहा कि तुरंत इस मामले को देखिये.
गौरतलब हो कि भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी के संबंध के साथ ट्रांजिट रूट से पारस्परिक व्यापार का संबंध भी है. दोनों देश के खुली सीमा पर तय रूट से व्यापार सहित लोगों की आवाजाही एक देश से दूसरे देश में होती है. निर्धारित रूट के अलावा दोनों देश के बीच भारत के सीमावर्ती क्षेत्र स्थित किशनगंज, सीतामढ़ी और अररिया जिला से सटे नेपाल की खुली सीमा क्षेत्र में तस्करी का कारोबार चरम पर है.
मई, 2021 में पकड़े गए मवेशी तस्कर
बिहार में खुली सीमा का लाभ लेकर तस्कर कई बार मवेशी चराने और किसान होने का बहाना कर मवेशी को नेपाल पहुंचा देते हैं. ऐसे तस्कर सरकार को बिना टैक्स दिए एक देश से दूसरे देश में खुली सीमा का फायदा उठाकर सामान तस्करी करते हैं. तस्करी का यह खेल सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों का अवैध तरीके से एक व्यापार बन गया है. अधिकांश लोग खुली सीमा आने वाले तस्करी के सामान का स्थानीय स्तर पर व्यापार करते हैं, जो सरकार को बिना कर चुकाए राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं. मवेशी तस्करी रोकने के लिए एसएसबी की ओर से डे-नाइट पेट्रोलिंग होती है. तस्करों और मवेशियों को पकड़ा भी जाता है. लेकिन उसके बाद पुलिसवाले जो खेल करते हैं, उसका आज पर्दाफाश हुआ है.
मार्च, 2021 में पकड़े गए गाय तस्कर
'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम के तहत आज सीएम नीतीश गृह विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार, कारा, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, निगरानी, खान एवं भूतत्व तथा सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ी शिकायतों को सुन रहे हैं. सीएम आज पुलिस और जमीन से जुड़े मामलों की शिकायत सुन रहे हैं. मुख्यमंत्री एक दिन में आम तौर पर करीब 150 लोगों की शिकायतें सुनते हैं. कोरोना प्रोटोकाल को देखते हुए यह सीमा निर्धारित की गई है.
डीजीपी को निर्देश देते सीएम नीतीश
गौरतलब हो कि जनता दरबार में आने के लिए आवेदक को पहले से ही आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है. रजिस्ट्रेशन के बाद अप्वाइंटमेंट मिलने पर ही जनता दरबार में आना है. मुख्यमंत्री सुबह 10 बजे से लोगों की शिकायतें सुन रहे हैं. माना जा रहा है कि सीएम अगले चार से पांच घंटे यहाँ लोगों की शिकायत सुनेंगे.