ब्रेकिंग
Bihar Weather: पटना समेत इन 9 जिलों में आंधी-पानी-वज्रपात की चेतावनी, दोपहर 1:55 तक के लिए जारी हुआ अलर्ट विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने से भागलपुर-पूर्णिया रूट पर यातायात ठप, नाव के सहारे सफरपटना में बदला CM आवास का नाम, 1 अणे मार्ग अब ‘लोक सेवक आवास’7 मई को मंत्रिमंडल का विस्तार, एक दिन पहले सम्राट चौधरी ने बुलाई कैबिनेट की बैठक, बड़े फैसलों की तैयारीविधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भी नया इतिहास बनायेंगी ममता बनर्जी: बंगाल में खड़ा हो गया बड़ा संवैधानिक संकटBihar Weather: पटना समेत इन 9 जिलों में आंधी-पानी-वज्रपात की चेतावनी, दोपहर 1:55 तक के लिए जारी हुआ अलर्ट विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने से भागलपुर-पूर्णिया रूट पर यातायात ठप, नाव के सहारे सफरपटना में बदला CM आवास का नाम, 1 अणे मार्ग अब ‘लोक सेवक आवास’7 मई को मंत्रिमंडल का विस्तार, एक दिन पहले सम्राट चौधरी ने बुलाई कैबिनेट की बैठक, बड़े फैसलों की तैयारीविधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भी नया इतिहास बनायेंगी ममता बनर्जी: बंगाल में खड़ा हो गया बड़ा संवैधानिक संकट

Sri Krishna Janmbhoomi Mathura: कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह केस में हिंदू पक्ष को बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की

Sri Krishna Janmbhoomi Mathura: मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष की याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने की मांग को नामंजूर कर दिया है।

Sri Krishna Janmbhoomi Mathura
© google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Sri Krishna Janmbhoomi Mathura: मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष की वह याचिका खारिज कर दी है, जिसमें ईदगाह मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने की मांग की गई थी। अदालत का यह फैसला हिंदू पक्ष के लिए एक झटका माना जा रहा है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की एकल पीठ द्वारा की जा रही है। फिलहाल कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 2 अगस्त 2025 तय की है।


हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि वर्तमान तथ्यों और प्रस्तुत याचिका के आधार पर शाही ईदगाह को फिलहाल विवादित ढांचा घोषित नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर, हिंदू पक्ष का दावा है कि मस्जिद का निर्माण श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर स्थित प्राचीन मंदिर को तोड़कर किया गया था।


हिंदू पक्ष के अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने 5 मार्च 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक एप्लीकेशन दाखिल की थी, जिसमें शाही ईदगाह मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने की मांग की गई थी। इस पर 23 मई को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाया गया।


हिंदू पक्ष का कहना है कि उन्होंने कोर्ट के समक्ष यह तर्क रखा कि जिस स्थान पर मस्जिद है, वहां पहले मंदिर था, और मस्जिद के पक्ष में कोई प्रमाण आज तक अदालत में पेश नहीं किया गया है। उनका कहना है कि जिस तरह अयोध्या मामले में बाबरी मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित किया गया था, उसी तरह शाही ईदगाह को भी विवादित ढांचा घोषित किया जाना चाहिए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 अगस्त को होगी और सभी की निगाहें अदालत के अगले कदम पर टिकी हैं।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें