मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज
16-Dec-2022 02:37 PM
DELHI: बिहार के छपरा में जहरीली शराब से करीब 60 लोगों की मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस मामले की जांच स्वतंत्र एसआईटी यानि विशेष जांच दल से कराने की मांग की गयी .
शुक्रवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच में इस मामले को उठाया गया. हालांकि सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने तत्काल इस मामले की सुनवाई करने से इंकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि आज जिन केस की सुनवाई होनी है उसकी सूची में ये मामला शामिल नहीं है. चीफ जस्टिस ने कहा-अगर ये मामला इतना महत्वपूर्ण है तो आपको इसे लिस्टेड कराना चाहिये. मेरे कोर्ट में अनुशासन बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए सॉरी.
सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका आर्यावर्त महासभा फाउंडेशन ने दायर की है. याचिका में कहा है कि अवैध शराब के निर्माण, व्यापार औऱ बेचने पर राष्ट्रीय स्तर पर एक्शन प्लान बनाना चाहिये. इस याचिका में मांग की गयी है कि बिहार में जहरीली शराब पीने से मरने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा दिया जाना चाहिये. क्योंकि सरकार की लापरवाही के कारण ये घटना हुई है.
याचिका दायर करने वाले की ओर से कहा गया है कि बिहार में 2016 से ही पूर्ण शराबबंदी है. उस समय से राज्य सरकार शराबबंदी को अमल में लाने में पूरी तरह से फेल रही है. इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है. एक बार फिर जहरीली शराब पीने से इतने सारे लोगों की मौत हुई है. इसलिए सुप्रीम कोर्ट को इसकी जांच स्वतंत्र एसआईटी से कराना चाहिये. जांच के आधार पर जिम्मेवार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिये.