मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज
21-Apr-2020 07:06 AM
PATNA : लॉकडाउन पीरियड के लिए बिहार के सरकारी दफ्तरों में टाइम टेबल बदला हुआ होगा। सचिवालय के साथ-साथ सभी जिला कार्यालयों के टाइम टेबल में बदलाव किया गया है। सचिवालय में कामकाज की अवधि ढाई घंटे कम की गई है तो वही जिला कार्यालयों में एक घंटे की कटौती की गई है।
राज्य के सभी सरकारी दफ्तर और सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक खुलेंगे। इस नए आदेश के लागू होने के बाद सचिवालय के टाइम टेबल में ढाई घंटे जबकि जिला कार्यालयों के टाइम टेबल में एक घंटे की कमी आ गई है। सचिवालय में वर्किंग टाइम 9:30 से 6:00 तक का होता है जबकि जिला कार्यालयों में 10 बजे से 5 बजे तक काम की अवधि है।
इसके अलावा राज्य सरकार ने सरकारी दफ्तरों में आने वाले कर्मियों को लेकर एक गाइडलाइन भी जारी की है। इस गाइडलाइन के मुताबिक सरकारी कार्यालयों में बैग और थैला लेकर आने पर रोक लगा दी गई है। कर्मचारियों के लिए मास्क पहनकर आना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही साथ हर कार्यालय में सेनेटाइजर का इंतजाम करने को भी कहा गया है। सरकारी दफ्तरों में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम को सख्ती के साथ लागू करने का भी निर्देश दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए बजाप्ता एक अधिसूचना जारी की है। इतना ही नहीं जो कर्मी अपने कार्यस्थल से बाहर कहीं फंसे हुए हैं उनको तत्काल पास मुहैया कराने का निर्देश भी दिया गया है। सरकारी कर्मियों को पास देने की जिम्मेदारी संबंधित जिलाधिकारी को सौंपी गई है। जिन कर्मियों को यात्रा के लिए पास दिया जाएगा वह केवल एक बार ही इसका इस्तेमाल कर पाएंगे।