ब्रेकिंग न्यूज़

अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड

Home / news / बीडीओ और पंचायत सेवक कर रहे थे लाखों का गोलमाल, मामला उजागर

बीडीओ और पंचायत सेवक कर रहे थे लाखों का गोलमाल, मामला उजागर

21-May-2022 08:27 AM

By ALOK KUMAR

BETTIAH: बिहार में भ्रष्टाचार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। खबर बेतिया की है, जहां अनुमंडल के चनपटिया प्रखंड परिसर में अर्धनिर्मित मनरेगा भवन के संवेदक सरकारी राशि गोलमाल करने में फंस गए हैं। इस मामले को लेकर मनरेगा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कृष्णकांत कुमार ने जानकारी दी है कि पंचायत सेवक सह संवेदक रामचंद्र काजी से गबन की  8.5 लाख की सरकारी राशि वसूली जाएगी। 



बता दें, इस मामले की जांच को लेकर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कृष्णकांत कुमार और कार्यपालक अभियंता सुरेश चौधरी चनपटिया पहुंचे थे। मामला वित्तीय वर्ष 2013-14 में मनरेगा भवन के निर्माण से जुड़ा है। उक्त वित्तीय वर्ष में प्रखंड परिसर में 37.15 लाख रुपये की लागत से मनरेगा भवन का निर्माण शुरू हुआ। लगभग नौ साल बाद भी यह बनकर तैयार नहीं हुआ। 



इधर विभाग से उक्त भवन को पूरा करने की योजना बनी, तब गबन का मामला सामने आया। बताया जा रहा है कि तत्कालीन बीडीओ से आदेश लेकर संवेदक बने पंचायत सेवक ने 8.5 लाख रुपए की निकासी कर ली, लेकिन काम नही कराया गया। मनरेगा के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी शील भूषण ने बताया कि संचिका के अवलोकन के दौरान गबन उजागर हुआ। कार्यक्रम पदाधिकारी के अनुसार पंचायत सेवक सह संवेदक ने छत की ढ़लाई के लिए दिसम्बर 2017 में प्रखंड कार्यालय से अग्रिम 5.5 लाख की राशि का उठाव किया था। मामला उजागर होने के बाद उन्होंने इसकी जानकारी विभाग के वरीय अधिकारियों को दी गई है।