मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज
16-Apr-2023 01:39 PM
By First Bihar
DELHI: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की जिस तरह से हत्या की गई उसको लेकर केंद्र की सरकार गंभीर हो गई है। जिस तरह से मीडियाकर्मी बनकर दोनों डॉन ब्रदर्श की हत्या की गई उससे पत्रकारों की सुरक्षा भी खतरे में आ गई है। इस घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय अलर्ट मोड में आ गया है और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एसओपी तैयार करने का फैसला लिया है।
दरअसल, शनिवार की रात जब पुलिस टीम उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को पुलिस टीम मेडिकल जांच के लिए प्रयागराज के केल्विन अस्पताल में लेकर पहुंची थी,तभी मीडियाकर्मी बनकर वहां पहुंचे तीन लोगों अरुण मौर्या, लवलेश तिवारी और सनी ने अतीक और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पत्रकारों की भीड़ में जिस तरह से दोनों भाइयों की गोली मारकर हत्या की गई, उससे पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट हो गई है।
इस घटना के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय पत्रकारों की सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने जा रहा है। प्रयागराज की घटना के बाद केंद्र सरकार पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हो गई है। बता दें कि दोनों भाइयों की हत्या के बाद प्रयागराज समेत पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल को तैनात किया गयै है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।