पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज कैमूर में जहरीला बीज खाने से 8 बच्चे बीमार, भभुआ सदर अस्पताल में भर्ती मधेपुरा में BPSC की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत, किराए के कमरे में मिली लाश, इलाके में सनसनी Bihar News: CM नीतीश का बड़ा ऐलान, बाकी बचे इन 213 प्रखंडों में तुरंत खुलेंगे कॉलेज,जुलाई 2026 से शुरू होगी पढ़ाई...
05-May-2020 01:10 PM
By Jitendra Kumar
BEGUSARAI : मंगलवार को एर्नाकुलम से श्रमिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन अपने नियत समय पर बेगूसराय के बरौनी जंक्शन पहुंची. श्रमिक स्पेशल ट्रेन आने के मद्देनजर बरौनी जंक्शन को सुबह से ही पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था तथा सभी गेट पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे.
ट्रेन के जंक्शन पहुंचते ही सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले लिया. इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच सोशल डिस्टेंस के साथ प्रवासी मजदूरों को बारी-बारी से उतारा गया तथा प्लेटफार्म पर मौजूद स्वास्थ विभाग की टीम द्वारा सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई. थर्मल थर्मामीटर से सभी की जांच की गई, उनके रिकॉर्ड पंजी में दर्ज किए गए तथा कोरोनावायरस निर्धारित प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई. इस दौरान सभी यात्री मास्क एवं रुमाल लगाए हुए थे. मजदूरों के लिए स्टेशन पर नाश्ता-पानी की व्यवस्था की गई थी.
बेगूसराय के डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि बरौनी जंक्शन पर आगंतुक यात्रियों के लिए पानी, नाश्ते एवं सेनिटाइजिंग की व्यवस्था की गई है और जिला प्रशासन के द्वारा इनका हर संभव सहयोग किया जाएगा. डीएम ने बताया कि ट्रेन से 20 जिलों के करीब 11 सौ श्रमिक आए हैं. स्क्रीनिंग के बाद बेगूसराय जिला के सभी लोगों को संबंधित प्रखंड मुख्यालय में भेजा जा रहा है. जहां की स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें बनाए गए क्वॉरेंटाइन सेंटर में आवासित किया जाएगा. जबकि अन्य जिला के लोगों को स्क्रीनिंग के बाद बस द्वारा कड़ी सुरक्षा के बीच संबंधित जिला मुख्यालय भेजा जा रहा है. उन लोगों की जांच के बाद संबंधित जिला प्रशासन द्वारा क्वॉरेंटाइन करने की व्यवस्था की गई है. इधर ट्रेन से उतरे प्रवासी मजदूरों ने बताया कि कोरोना को लेकर जारी लॉकडाउन के बाद केरल में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. ट्रेन में भी जलालत झेलनी पड़ी. उन लोगों से यहां आने के लिए 1040 रुपये की दर से किराया वसूल किया गया. हालांकि घर आने में पैसा लगने तथा जलालत झेलने के बाद भी वे सभी गमों को भुलाकर खुश हैं.