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झूठे मुकदमों पर सख्त कानून बनाने की मांग: BJP सांसद रवि किशन ने संसद में उठाई बेगुनाहों की आवाज

भाजपा सांसद रवि किशन ने लोकसभा में झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों और उन्हें सही ठहराने वाले जांच अधिकारियों पर कड़ी सजा का कानून बनाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि फर्जी केस निर्दोष लोगों की मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जिंदगी तबाह कर देते हैं, इसलिए..

बिहार

12-Dec-2025 02:33 PM

By First Bihar

DELHI: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रवि किशन ने झूठे मुकदमे करने वालों को सजा दिलाने के लिए कानून बनाने की मांग केंद्र सरकार से की है। गुरुवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान रवि किशन ने कहा कि फर्जी केस के कारण निर्दोष लोगों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों से जुझना पड़ता है। 


झूठा केस करने वाला आराम से रहता है वही जिस व्यक्ति ने कुछ भी गलती नहीं किया उसे बेवजह सजा काटनी पड़ती है। रवि किशन ने यह मांग किया कि झूठा केस दर्ज करने वालों पर लगाम कसने के लिए एक कानून बनाया जाए ताकि कोई बेकसुर ना फंसे और झूठे आरोपों को सही बताने वाले जांच अधिकारियों पर भी कार्रवाई किये जाने को लेकर कानून बनाया जाना चाहिए। रवि किशन बेगुनाहों की आवाज उठाते हुए बोले कि फर्जी केस करने वालों और उन्हें सही ठहराने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए। 


भाजपा सांसद रवि किशन ने लोकसभा में झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों पर कड़ी सजा का कानून बनाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि फर्जी मामलों के कारण निर्दोष लोग मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से टूट जाते हैं, इसलिए ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। गुरुवार को शून्यकाल के दौरान उन्होंने बताया कि कानून के दुरुपयोग से सरकार और न्याय व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता है। इसलिए झूठा केस दायर करने वाले और फर्जी आरोपों को सही ठहराने वाले जांच अधिकारी दोनों को दंडित करने का प्रावधान होना चाहिए।


बीएनएस धारा 248 का उल्लेख

रवि किशन ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 248 बरी हुए आरोपी को झूठा आरोप लगाने वाले के खिलाफ नया केस दर्ज करने का अधिकार देती है। इस धारा के तहत 5 से 10 साल की सजा हो सकती है। लेकिन यह नए केस की पूरी प्रक्रिया एफआईआर, जांच, चार्जशीट, गवाही, बहस और फैसला वर्षों तक चलती है। इस लंबी प्रक्रिया के कारण ज़्यादातर लोग नया मुकदमा करने से कतराते हैं, जिसका फायदा झूठे केस करने वाले उठा लेते हैं। 


रवि किशन ने कहा कि यदि निर्दोष पर झूठा केस हो जाए तो परिवार टूट जाता है। अगर किसी ने अपराध किया है तो उसे सजा मिले। लेकिन जिसने कोई जुर्म नहीं किया, उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज हो जाए, तो उसका पूरा परिवार बिखर जाता है। समाज में इज्जत चली जाती है, बहन-बेटियों की शादी तक प्रभावित होती है। दूसरी ओर, झूठा केस करने वाला आराम से घूमता रहता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि फर्जी मुकदमों पर कठोर सजा का कानून बने और जांच एजेंसियों पर भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान जोड़ा जाए। 




DELHI: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रवि किशन ने झूठे मुकदमे करने वालों को सजा दिलाने के लिए कानून बनाने की मांग केंद्र सरकार से की है। गुरुवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान रवि किशन ने कहा कि फर्जी केस के कारण निर्दोष लोगों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों से जुझना पड़ता है। 


झूठा केस करने वाला आराम से रहता है वही जिस व्यक्ति ने कुछ भी गलती नहीं किया उसे बेवजह सजा काटनी पड़ती है। रवि किशन ने यह मांग किया कि झूठा केस दर्ज करने वालों पर लगाम कसने के लिए एक कानून बनाया जाए ताकि कोई बेकसुर ना फंसे और झूठे आरोपों को सही बताने वाले जांच अधिकारियों पर भी कार्रवाई किये जाने को लेकर कानून बनाया जाना चाहिए। रवि किशन बेगुनाहों की आवाज उठाते हुए बोले कि फर्जी केस करने वालों और उन्हें सही ठहराने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए। 


भाजपा सांसद रवि किशन ने लोकसभा में झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों पर कड़ी सजा का कानून बनाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि फर्जी मामलों के कारण निर्दोष लोग मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से टूट जाते हैं, इसलिए ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। गुरुवार को शून्यकाल के दौरान उन्होंने बताया कि कानून के दुरुपयोग से सरकार और न्याय व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता है। इसलिए झूठा केस दायर करने वाले और फर्जी आरोपों को सही ठहराने वाले जांच अधिकारी दोनों को दंडित करने का प्रावधान होना चाहिए।


बीएनएस धारा 248 का उल्लेख

रवि किशन ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 248 बरी हुए आरोपी को झूठा आरोप लगाने वाले के खिलाफ नया केस दर्ज करने का अधिकार देती है। इस धारा के तहत 5 से 10 साल की सजा हो सकती है। लेकिन यह नए केस की पूरी प्रक्रिया एफआईआर, जांच, चार्जशीट, गवाही, बहस और फैसला वर्षों तक चलती है। इस लंबी प्रक्रिया के कारण ज़्यादातर लोग नया मुकदमा करने से कतराते हैं, जिसका फायदा झूठे केस करने वाले उठा लेते हैं। 


रवि किशन ने कहा कि यदि निर्दोष पर झूठा केस हो जाए तो परिवार टूट जाता है। अगर किसी ने अपराध किया है तो उसे सजा मिले। लेकिन जिसने कोई जुर्म नहीं किया, उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज हो जाए, तो उसका पूरा परिवार बिखर जाता है। समाज में इज्जत चली जाती है, बहन-बेटियों की शादी तक प्रभावित होती है। दूसरी ओर, झूठा केस करने वाला आराम से घूमता रहता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि फर्जी मुकदमों पर कठोर सजा का कानून बने और जांच एजेंसियों पर भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान जोड़ा जाए।