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20-Oct-2025 06:58 AM
By First Bihar
Indian Railway: त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती आवाजाही के बीच इंटरनेट मीडिया पर रेलवे से जुड़े पुराने और भ्रामक वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो को देखकर कई यात्री भ्रमित हो रहे थे और सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर शुरू हो गया था। ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए रेलवे ने बीते चार दिनों में 20 से अधिक भ्रामक वीडियो की पहचान की है और उन्हें अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर सार्वजनिक करते हुए स्पष्ट किया है कि ये वीडियो पुराने हैं और इनका मौजूदा स्थिति से कोई संबंध नहीं है।
जांच में यह भी सामने आया है कि इन वीडियो को त्योहारी सीजन की भीड़ से जोड़कर गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा था ताकि लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बनाया जा सके। रेलवे ने इन मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली है और साइबर सेल के माध्यम से जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।
रेलवे मंत्रालय ने दो टूक कहा है कि जो भी व्यक्ति या समूह फेक या पुराने वीडियो शेयर करके रेलवे की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने बताया कि ऐसे प्रयास न केवल भ्रामक हैं बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे के संचालन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, रेलवे अधिनियम की धारा 145(बी) के तहत ऐसे दोषियों को छह महीने तक की सजा का प्रावधान है। यह कदम रेलवे की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा है जो किसी भी तरह के गलत प्रचार या अफवाह के खिलाफ सख्ती से लागू की जा रही है।
रेलवे का कहना है कि कई फेक सोशल मीडिया हैंडल जानबूझकर पुराने वीडियो साझा कर रहे हैं ताकि व्यूज और राजनीतिक लाभ हासिल किया जा सके। जबकि रेलवे के आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई थी। मंत्रालय ने आम जनता और यात्रियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वीडियो या पोस्ट को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें और केवल रेलवे के आधिकारिक चैनलों पर भरोसा करें।
इस बीच, रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। अतिरिक्त ट्रेनों की संख्या बढ़ाई गई है और स्टेशनों पर सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ाई गई है ताकि भीड़ प्रबंधन सुचारू रहे। साथ ही, रेलवे ने अपने सोशल मीडिया और हेल्पलाइन नंबरों को और अधिक सक्रिय किया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को तत्काल सहायता मिल सके। मंत्रालय का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चल रही गलत सूचनाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि जनता तक केवल सटीक और प्रमाणिक जानकारी ही पहुंचे।