Patna PNG news : पटना में PNG कनेक्शन अटका ! पाइपलाइन पास, फिर भी गैस नहीं… जानिए क्या बनी सबसे बड़ी बाधा Bihar News : अब ‘तारीख-पर-तारीख’ खत्म! हाईटेक मशीन से घूसखोरों पर कसेगा शिकंजा, सबूत रहेंगे हमेशा सुरक्षित Bihar railway news : वंदे भारत पर पथराव, कोच का शीशा टूटा — बच्चे संग सीट के नीचे छिपी महिला, यात्रियों में दहशत BIHAR NEWS : नीट छात्रा मौत मामला: CBI जांच पर उठे सवाल, POCSO कोर्ट की फटकार के बाद बदला गया IO Bihar Police : 'इंस्पेक्टर से दारोगा बने तो ...', अब नहीं चलेगी मनमानी! DGP बोले- भ्रष्ट पुलिसकर्मी का अब सस्पेंशन नहीं सीधे होगा डिमोशन Bihar News : JDU विधायक के बेटे की सड़क हादसे में मौत, घर से 500 मीटर दूर पेड़ से टकराई थार बेगूसराय में बारात का ‘टशन’ पड़ा भारी: हथियार लहराने वाले 4 के खिलाफ FIR दर्ज, छापेमारी जारी VAISHALI: गोरौल नगर पंचायत कचरा डंपिंग जोन में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी समस्तीपुर पुलिस की बड़ी सफलता: हथियार और कारतूस के साथ तीन शातिर अपराधी गिरफ्तार बिहार एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: बिहार और यूपी में वांछित दो कुख्यात नक्सली को दो जिलों से दबोचा
12-Dec-2025 03:13 PM
By FIRST BIHAR
Modi Government: यूपीए सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक मनरेगा का नाम बदलने की तैयारी चल रही है। मोदी सरकार इस योजना का नाम "महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लोयमेंट गारंटी एक्ट 2025 (MGNREGA)" से बदलकर "पूज्य बापू रूरल एम्प्लोयमेंट गारंटी बिल 2025" रख सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही नए नाम को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 दिसंबर को केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। सूत्रों के अनुसार, नया नाम रोजगार गारंटी योजना के लिए नई पहचान और इसके दायरे को मजबूत करने का संकेत देता है। इसके अलावा, केंद्रीय कैबिनेट विकास भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल 2025 को भी मंजूरी दे सकती है, जिसका उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में सुधार करना है।
बता दें कि मनरेगा योजना यूपीए-1 सरकार की एक महत्वपूर्ण ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना थी, जिसे 2005 में लागू किया गया था। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक परिवार के व्यस्क सदस्यों को साल में कम से कम 100 दिन का रोजगार देने की कानूनी गारंटी मिलती है।
योजना का उद्देश्य ग्रामीण बेरोजगारी को कम करना और ग्रामीण विकास कार्यों को बढ़ावा देना है। इसके तहत गरीब परिवारों को नियमित आय का स्रोत मिलता है और अधिकांश कार्य जल-संरक्षण, भूमि सुधार, सड़क निर्माण और वृक्षारोपण जैसे क्षेत्रीय विकास कार्यों से जुड़े होते हैं।