ब्रेकिंग न्यूज़

सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लग्जरी कार से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार नशे में धुत युवक ने की फायरिंग, महिला घायल, आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ा आरा–बक्सर फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा, तीन युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीर बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता पर आज फैसला संभव, पटना में अहम बैठक छपरा में फर्जी IAS बनकर DM से मिलने पहुंचा युवक गिरफ्तार, टाउन थाने में FIR दर्ज Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी सीके अनिल ने अंचलाधिकारियों को मंत्री के सामने हड़काया, कहा..कल तक हड़ताल वापस लो, नहीं तो हो जाओगे डिसमिस रेलवे कर्मचारियों का 36 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन, मांगें नहीं मानने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी Bihar News: दर्दनाक सड़क हादसे में रिटायर्ड शिक्षक की मौत, बेटा गंभीर रूप से घायल; दो बाइक की हुई सीधी टक्कर

INS Mahe: भारतीय नौसेना को मिला एक नया हथियार, देश की तटीय सुरक्षा में अभूतपूर्व बढ़ोतरी

INS Mahe: कोचिन शिपयार्ड ने भारतीय नौसेना को पहला स्वदेशी एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट INS माहे सौंपा। 90% भारतीय सामग्री से बना यह जहाज तटीय सुरक्षा को मजबूत करेगा..

INS Mahe

24-Oct-2025 09:31 AM

By First Bihar

INS Mahe: भारत की नौसेना ने समुद्री सीमाओं की रक्षा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड ने भारतीय नौसेना को पहला स्वदेशी एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट INS माहे सौंप दिया है। यह जहाज न सिर्फ तकनीकी क्षमता का प्रतीक है, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की सफलता का भी प्रमाण है।


CSL के निदेशक डॉ. एस. हरिकृष्णन और जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर अमित चंद्रा चौबे ने कोच्चि में आयोजित समारोह में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर वेस्टर्न नेवल कमांड के चीफ स्टाफ ऑफिसर रियर एडमिरल आर. अधिस्रीनिवासन, वॉरशिप प्रोडक्शन सुपरिंटेंडेंट कमोडोर अनुप मेनन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


INS माहे आठ जहाजों की उस श्रृंखला का पहला सदस्य है जो पूरी तरह भारतीय डिजाइन और निर्माण से तैयार किया गया। CSL के अनुसार, यह जहाज डेट नोर्स्के वेरिटास के नियमों के तहत बनाया गया है और नौसेना का अब तक का सबसे बड़ा शैलो वाटर युद्धपोत है। इसकी लंबाई 78 मीटर है और यह डीजल इंजन व वाटरजेट प्रोपल्शन से चलता है।


यह जहाज पनडुब्बी रोधी अभियान, माइन लेइंग, सर्च एंड रेस्क्यू जैसे कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है। आधुनिक सेंसर, संचार प्रणाली और कम साउंड सिग्नेचर तकनीक से यह गहरे समुद्री जल में दुश्मन पनडुब्बियों को चट कर सकता है। CSL ने दावा किया कि यह तटीय सुरक्षा को कई गुना मजबूत करेगा और बाकी सात जहाज भी विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं और अगले कुछ वर्षों में डिलीवर होंगे।


इस जहाज में 90% से अधिक सामग्री भारतीय कंपनियों से ली गई है। मशीनरी, सेंसर और ऑनबोर्ड सिस्टम सब देशी हैं। CSL प्रवक्ता ने कहा, "INS माहे नौसेना के स्वदेशीकरण में मील का पत्थर है।" इससे न केवल तटीय जल में पनडुब्बी-रोधी क्षमता बढ़ेगी, बल्कि रोजगार और तकनीकी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।