BPL solar panel : बिहार में बीपीएल परिवारों के लिए बड़ी राहत! घर की छत पर अब फ्री सोलर पैनल, जानें इसके लिए कब तक कर सकते हैं अप्लाई? इस साल अगर आपका भी है टॉपरों की लिस्ट में नाम, तो हो जाएंगे मालामाल: BSEB ने प्राइज मनी में किया बदलाव, जानिए अब कितनी मिलेगी राशि मिडिल ईस्ट में तनाव का असर: भारत में बढ़ गए पेट्रोल के दाम, इतने रुपये की हुई बढ़ोतरी मिडिल ईस्ट में तनाव का असर: भारत में बढ़ गए पेट्रोल के दाम, इतने रुपये की हुई बढ़ोतरी Indian Railways : रेलवे में अब कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं! इस वजह से समय से पहले 6 अफसर को कर दिया रिटायर; पढ़िए पूरी खबर बाइक और ट्रक में जोरदार टक्कर: मेला से लौट रहे तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत, इलाके में कोहराम Bihar Road : बिहार के इस इलाके के लोगों की बदलेगी किस्मत, देवघर जाना हुआ आसान; यात्री और व्यापारियों के लिए बड़ी राहत! क्या आपका भी इस बैंक में है खाता? तो कर लें यह काम, नहीं तो बंद हो जाएगा अकाउंट खुले में मांस-मछली कारोबार बैन: निगम ने चलाया सख्त अभियान, 686 दुकानों पर रोक, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई Bihar News: 'अगला CM अगर नीतीश कुमार के रास्तों पर नहीं चले तो टिक नहीं पाएगा...', मांझी ने अपना अनुभव साफ-साफ बता दिया
24-Oct-2025 09:31 AM
By First Bihar
INS Mahe: भारत की नौसेना ने समुद्री सीमाओं की रक्षा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड ने भारतीय नौसेना को पहला स्वदेशी एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट INS माहे सौंप दिया है। यह जहाज न सिर्फ तकनीकी क्षमता का प्रतीक है, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की सफलता का भी प्रमाण है।
CSL के निदेशक डॉ. एस. हरिकृष्णन और जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर अमित चंद्रा चौबे ने कोच्चि में आयोजित समारोह में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर वेस्टर्न नेवल कमांड के चीफ स्टाफ ऑफिसर रियर एडमिरल आर. अधिस्रीनिवासन, वॉरशिप प्रोडक्शन सुपरिंटेंडेंट कमोडोर अनुप मेनन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
INS माहे आठ जहाजों की उस श्रृंखला का पहला सदस्य है जो पूरी तरह भारतीय डिजाइन और निर्माण से तैयार किया गया। CSL के अनुसार, यह जहाज डेट नोर्स्के वेरिटास के नियमों के तहत बनाया गया है और नौसेना का अब तक का सबसे बड़ा शैलो वाटर युद्धपोत है। इसकी लंबाई 78 मीटर है और यह डीजल इंजन व वाटरजेट प्रोपल्शन से चलता है।
यह जहाज पनडुब्बी रोधी अभियान, माइन लेइंग, सर्च एंड रेस्क्यू जैसे कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है। आधुनिक सेंसर, संचार प्रणाली और कम साउंड सिग्नेचर तकनीक से यह गहरे समुद्री जल में दुश्मन पनडुब्बियों को चट कर सकता है। CSL ने दावा किया कि यह तटीय सुरक्षा को कई गुना मजबूत करेगा और बाकी सात जहाज भी विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं और अगले कुछ वर्षों में डिलीवर होंगे।
इस जहाज में 90% से अधिक सामग्री भारतीय कंपनियों से ली गई है। मशीनरी, सेंसर और ऑनबोर्ड सिस्टम सब देशी हैं। CSL प्रवक्ता ने कहा, "INS माहे नौसेना के स्वदेशीकरण में मील का पत्थर है।" इससे न केवल तटीय जल में पनडुब्बी-रोधी क्षमता बढ़ेगी, बल्कि रोजगार और तकनीकी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।