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15-Oct-2025 08:16 AM
By First Bihar
Google: गूगल ने भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 15 अरब डॉलर (लगभग 1,26,000 करोड़ रुपये) का निवेश घोषित किया है। यह निवेश अगले पांच वर्षों (2026-2030) में चरणबद्ध रूप से किया जाएगा और आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम शहर में कंपनी का पहला AI हब स्थापित होगा। यह गूगल का अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा AI हब होगा, जिसमें गीगावॉट-स्केल डेटा सेंटर, अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे और उन्नत कम्प्यूटिंग क्षमता शामिल होगी।
यह निवेश गूगल की भारतीय सहायक कंपनी रेडन इंफोटेक के माध्यम से होगा जो शहर में तीन प्रमुख कैंपस विकसित करेगी। यह घोषणा नई दिल्ली में आयोजित 'भारत AI शक्ति' कार्यक्रम के दौरान की गई, जहां गूगल क्लाउड के सीईओ थॉमास कुरियन ने कहा कि वैश्विक AI और क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
यह परियोजना आंध्र प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी में विकसित होगी, जिसमें अदानी कनेक्स (अदानी समूह की डेटा सेंटर संयुक्त उद्यम) और भारती एयरटेल प्रमुख भागीदार होंगे। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह 1 गीगावॉट क्षमता वाले प्रोजेक्ट की लागत करीब 10 अरब डॉलर होगी, जो राज्य की कम्प्यूटिंग क्षमता को अगले तीन वर्षों में कई गुना बढ़ाएगी।
लोकेश ने इसे एक वर्ष की गहन चर्चाओं का परिणाम बताया है और कहा कि यह राज्य के डिजिटल विकास की शुरुआत मात्र है। गूगल के भारत में इस निवेश से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई से बातचीत के बाद एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह 'विकसित भारत' की दृष्टि के अनुरूप है और प्रौद्योगिकी को लोकतांत्रिक बनाने में सहायक होगा।
गूगल का यह कदम वैश्विक स्तर पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की रणनीति का हिस्सा है। जुलाई 2025 में कंपनी ने अपने पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) का अनुमान 75 अरब डॉलर से बढ़ाकर 85 अरब डॉलर कर दिया था। इसी महीने, अमेरिका में अगले दो वर्षों के लिए 25 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की गई थी। भारत में AI और क्लाउड मार्केट की तेज वृद्धि को देखते हुए यह निवेश रणनीतिक महत्व रखता है, जहां डेटा सेंटर क्षमता में वृद्धि आवश्यक हो गई है।
विशाखापट्टनम को पूर्वी तट पर एक प्रमुख कनेक्टिविटी हब बनाने के लिए सबसी केबल लैंडिंग स्टेशन भी स्थापित किया जाएगा जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेगा। आंध्र प्रदेश सरकार का लक्ष्य 2029 तक राज्य में 6 गीगावॉट डेटा सेंटर क्षमता हासिल करना है।
भारत तेजी से वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में उभर रहा है। माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन वेब सर्विसेज जैसी कंपनियां पहले ही क्लाउड और AI में निवेश कर चुकी हैं। गूगल का यह निवेश भारत को AI नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा जो डिजिटल समावेशन और आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा।