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पूरे देश में होगी जनगणना: केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 11,718 करोड़ के बजट को मंजूरी; पहली बार डिजिटल सेंसस

केंद्रीय कैबिनेट ने 2027 की पहली डिजिटल जनगणना के लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। देशभर में डिजिटल सेंसस कराने के लिए 30 लाख कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।

Digital Census 2027

12-Dec-2025 04:47 PM

By FIRST BIHAR

Digital Census 2027: केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 2027 की जनगणना के लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी गई है। जनगणना इस बार पूरी तरह डिजिटल रूप में आयोजित की जाएगी, जो देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इस व्यापक प्रक्रिया को संचालित करने के लिए 30 लाख कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।


दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार 12 दिसंबर 2025 को हुई यूनियन कैबिनेट की बैठक में तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि कैबिनेट ने सेंसस 2027, कोल सेक्टर में बड़े रिफॉर्म और किसानों के लिए महत्वपूर्ण MSP निर्णय को मंजूरी दी है।


पहली बार होगी डिजिटल जनगणना

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 2027 की जनगणना देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसके लिए 11,718 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि डिजिटल जनगणना का पूरा डिजाइन डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।


जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण 1 अप्रैल – सितंबर 2026 से शुरू होगा, जो हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस होगा। वहीं दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जो जनसंख्या गणना होगा। इसके लिए एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन विकसित किया गया है, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में डेटा दर्ज किया जा सकेगा।


कोल सेक्टर में बड़ा रिफॉर्म

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने ऊर्जा क्षेत्र, विशेषकर कोल सेक्टर में महत्वपूर्ण सुधार को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा, कोल सेतु के जरिए भारत कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है। इंपोर्टेड कोल पर निर्भरता खत्म होने से देश को 60,000 करोड़ रुपये की बचत होगी।


उन्होंने बताया कि वर्ष 2024–25 में 1 बिलियन टन कोल उत्पादन रिकॉर्ड किया गया है। घरेलू पावर प्लांट्स में भी रिकॉर्ड स्तर का कोल स्टॉक उपलब्ध है। रेल और कोल मंत्रालय मिलकर इस क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं।


किसानों के लिए MSP बढ़ा

किसानों से जुड़े बड़े फैसले में कैबिनेट ने वर्ष 2026 के लिए खोपरा (कॉपरा) का MSP मंजूर किया है। पिसाई वाला खोपरा 12,027 प्रति क्विंटल, गोल खोपरा 12,500 प्रति क्विंटल होगा। इसके लिए NAFED और NCCF को नोडल एजेंसियां नियुक्त किया गया है।

Digital Census 2027: केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 2027 की जनगणना के लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी गई है। जनगणना इस बार पूरी तरह डिजिटल रूप में आयोजित की जाएगी, जो देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इस व्यापक प्रक्रिया को संचालित करने के लिए 30 लाख कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।


दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार 12 दिसंबर 2025 को हुई यूनियन कैबिनेट की बैठक में तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि कैबिनेट ने सेंसस 2027, कोल सेक्टर में बड़े रिफॉर्म और किसानों के लिए महत्वपूर्ण MSP निर्णय को मंजूरी दी है।


पहली बार होगी डिजिटल जनगणना

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 2027 की जनगणना देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसके लिए 11,718 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि डिजिटल जनगणना का पूरा डिजाइन डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।


जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण 1 अप्रैल – सितंबर 2026 से शुरू होगा, जो हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस होगा। वहीं दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जो जनसंख्या गणना होगा। इसके लिए एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन विकसित किया गया है, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में डेटा दर्ज किया जा सकेगा।


कोल सेक्टर में बड़ा रिफॉर्म

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने ऊर्जा क्षेत्र, विशेषकर कोल सेक्टर में महत्वपूर्ण सुधार को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा, कोल सेतु के जरिए भारत कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है। इंपोर्टेड कोल पर निर्भरता खत्म होने से देश को 60,000 करोड़ रुपये की बचत होगी।


उन्होंने बताया कि वर्ष 2024–25 में 1 बिलियन टन कोल उत्पादन रिकॉर्ड किया गया है। घरेलू पावर प्लांट्स में भी रिकॉर्ड स्तर का कोल स्टॉक उपलब्ध है। रेल और कोल मंत्रालय मिलकर इस क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं।


किसानों के लिए MSP बढ़ा

किसानों से जुड़े बड़े फैसले में कैबिनेट ने वर्ष 2026 के लिए खोपरा (कॉपरा) का MSP मंजूर किया है। पिसाई वाला खोपरा 12,027 प्रति क्विंटल, गोल खोपरा 12,500 प्रति क्विंटल होगा। इसके लिए NAFED और NCCF को नोडल एजेंसियां नियुक्त किया गया है।