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15-Jan-2026 07:00 PM
By First Bihar
DESK: डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 78 वर्षीय बुजुर्ग से 2.19 करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, शादियों में DJ बजाने वाले और प्लास्टिक प्लेट फैक्ट्री संचालक शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश निवासी 30 वर्षीय दीपेश पाटीदार जो इलेक्ट्रॉनिक रिपेयर की दुकान चलाता हैं। वही दूसरा 28 वर्षीय अंशुल राठौड़ हैं जो म्यूजिक सिस्टम किराये पर देता हैं। 36 वर्षीय श्याम बाबू गुप्ता (उत्तर प्रदेश, झांसी), प्लास्टिक प्लेट फैक्ट्री चलाता हैं। 25 वर्षीय राघवेंद्र वर्मा है जो बाइक एक्सेसरीज़ की दुकान चलाता हैं। वही 25 वर्षीय देवेश सिंह, ITI डिप्लोमा होल्डर है जिसने हाल ही में B.Tech में दाखिला लिया है।
पीड़ित बुजुर्ग को एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को लखनऊ पुलिस मुख्यालय का वरिष्ठ अधिकारी बताया। आरोपियों ने बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग केस में दो गिरफ्तारी वारंट होने का डर दिखाया और डिजिटल अरेस्ट की कहानी सुनाई।इसके बाद आरोपी लगातार व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए बुजुर्ग पर नजर रखते रहे। उन्हें घर से बाहर न निकलने और किसी से संपर्क न करने के निर्देश दिए गए। आरोपियों ने फर्जी CBI ऑफिस और एक वकील का भी इस्तेमाल किया। डर के कारण बुजुर्ग ने 26 नवंबर से 4 दिसंबर के बीच अलग-अलग खातों में 2.19 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
5 दिसंबर को ई-एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल सुरागों की जांच की। लगभग 1 करोड़ रुपये दीपेश पाटीदार के खाते में ट्रेस होने के बाद गिरफ्तारी हुई और फिर पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल, डेबिट कार्ड, चेकबुक, रबर स्टांप और आधार कार्ड की कॉपियां भी बरामद की हैं। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।