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01-May-2025 09:35 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार पुलिस की विशेष निगरानी इकाई ने आज रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है. रिशु श्री के साथ साथ निलंबित आईएएस अधिकारी संजीव हंस को भी इस मामले में अभियुक्त बनाया गया है. मामला बड़े पैमाने पर घूसखोरी का है. प्रवर्तन निदेशालय यानि ED ने रिशु श्री के खिलाफ सबूतों का पुलिंदा काफी पहले ही बिहार सरकार को सौंप दिया था. लेकिन सरकार औपचारिकतायें निभाने में लगी थी. दरअसल, सत्ता के गलियारे में जो बातें तैर रही हैं उसके मुताबिक रिशु श्री के कारनामों की अगर सही से जांच की गयी तो कम से कम एक दर्जन बड़े अफसर सलाखों के पीछे होंगे.
रिशु श्री के खिलाफ एफआईआर
बिहार की विशेष निगरानी इकाई ने आज रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. विशेष निगरानी इकाई यानि SVU के ADG पंकज दराद ने FIR दर्ज होने की पुष्टि की है. SUV ने ये कार्रवाई मनी लॉंड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से की जा रही जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर की है.
ED की जांच में खुलासा हुआ था कि रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री बड़े पैमाने पर सरकारी अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच लेन-देन में बिचौलिया की भूमिका निभाता था. वह संजीव हंस के लिए विभिन्न कंपनियों से होने वाले वित्तीय लेन-देन में भी बिचौलिया के रूप में काम किया करता था.
काफी पहले ही ED ने बिहार सरकार के गृह विभाग को पत्र लिखकर इस मामले में FIR दर्ज करने की सिफारिश की थी. इस पत्र में रिशु श्री की भूमिका और सरकारी अधिकारियों से उसके संबंधों की विस्तार से जानकारी दी गयी थी. ईडी की जांच में ये सामने आया है कि रिशु श्री के एक दर्जन बड़े अधिकारियों से करीबी संबंध हैं, जिनमें से अधिकतर काफी अहम पदों पर तैनात हैं.
रिशु श्री के कारनामों की पूरी जानकारी मिलने के बाद भी बिहार सरकार औपचारिकतायें निभाने में लगी रही. बिहार के गृह विभाग ने इस मामले को लेकर महाधिवक्ता कार्यालय से राय मांगा था. महाधिवक्ता ने एफआईआर दर्ज करने के लिए पर्याप्त आधार होने की सलाह दी, इसके बाद SVU ने संजीव हंस और रिशु रंजन सिन्हा के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
कौन है रिशु श्री?
अब सवाल ये उठता है कि ये रिशु श्री है कौन?. हम आपको बताते हैं कि रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री कौन है?. बिहार के सचिवालय में आने जाने वाला हर इंसान रिशु श्री नाम ही नहीं बल्कि उसके रूतबे को भी जानता है. रिशु श्री कम से कम एक दर्जन बड़े अधिकारियों का सबसे खास लाइजनर माना जाता है. सत्ता के गलियारे में होने वाली चर्चाओं के मुताबिक बिहार सरकार में दो बेहद अहम पदों पर काबिज एक बड़े अधिकारी के दफ्तर में कोई भी फाइल रिशु श्री की मंजूरी के बगैर नहीं हिलती थी. साहब हमेशा अहम विभागों में तैनात रहे औऱ वहां रिशु श्री का रूतबा बड़े साहब के जैसे थी.
सत्ता के गलियारे का हर शख्स जानता है कि बिहार के कई और अहम विभागों का भी ऐसा ही हाल रहा है. रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री की मंजूरी के बगैर साहब फाइल पर साइन नहीं करते रहे हैं. उन विभागों के सारे ठेकेदार से लेकर ट्रांसफर-पोस्टिंग वाले रिशु श्री से ही संपर्क करते थे.
रिशु श्री ने दी थी तारणी दास के खिलाफ जानकारी
करीब एक महीने पहले ईडी ने बिहार के भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता तारणी दास समेत कई अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. सिर्फ तारणी दास के घर से 8 करोड़ रूपये नगद मिले थे. वहीं, कुल मिलाकर साढ़े 11 करोड़ रूपये से ज्यादा की बरामदगी हुई थी. ईडी ने ये सारी कार्रवाई रिशु श्री से मिली जानकारी के आधार पर की थी.
काफी पहले हुई रेड, दबा रहा मामला
रिशु श्री के रूतबे का एक औऱ उदाहरण देखिये. ईडी ने 16 जुलाई 2024 को ही रिशु श्री और उसके भाई के ठिकानों पर रेड किया था. उसी दिन आईएएस अधिकारी संजीव हंस के ठिकानों पर भी छापेमारी हुई थी. सूत्र बताते हैं कि ईडी को जानकारी मिली थी कि संजीव हंस ने रिशु श्री के जरिये हवाला से पैसे का लेन-देन किया था.
इसके बाद ही संजीव हंस के साथ साथ रिशु श्री के ठिकानों पर रेड हुई थी. सूत्र बताते हैं कि रिशु श्री के ठिकानों पर हुई रेड में चौंकाने वाले दस्तावेज बरामद हुए थे. लेकिन सरकार में गहरी पैठ रखने वाले लोग रिशु श्री को बचाने में लग गये थे. उन्हें रिशु श्री की पोल खुलने पर खुद फंसने का डर सता रहा था.
सूत्रों के मुताबिक उन्हीं कोशिशों का असर था कि रिशु श्री के खिलाफ लंबे अर्से से कार्रवाई नहीं हुई. अब स्पेशल विजलेंस यूनिट ने केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन उसमें भी ठोस कार्रवाई होगी इस पर शक है. चर्चा ये है कि रिशु श्री ने अगर जुबान खोल दी तो वैसे लोग फंसेंगे जिनके बारे में आमलोग कल्पना नहीं कर सकते. ऐसे में रिशु श्री के खिलाफ ठोस कार्रवाई की उम्मीद कम ही है.