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22-Apr-2025 08:28 PM
By First Bihar
UPSC Topper: यूपीएससी सिविल सर्विसेज के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं और इसमें कुल 1009 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है. इनमें 335 जनरल कैटेगरी के हैं और 109 ईडब्ल्यूएस श्रेणी से आते हैं. जबकि 318 ओबीसी, 160 एससी और 87 एसटी वर्ग के अभ्यर्थी सफल हुए हैं. इसमें बिहार के कई अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की है जिनमें पटना के तन्मय ने 346 रैंक हासिल किया है. पटना एजी कॉलोनी के निवासी तन्मय मूल रूप से अररिया जिले के बरदबट्टा गांव के रहने वाले हैं और फिलहाल गुजरात के सूरत में ओएनजीसी में कार्यरत हैं. चार भाई बहनों में दूसरे नंबर के तन्मय ने यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में प्राप्त की है.
'अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो सूरज की तरह जलना सीखो'...भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की कही बातों को बिहार के अररिया जिले के बरदबट्टा गांव के तन्मय ने आत्मसात किया और संघर्ष की तपिश को ही अपनी ताकत बना लिया. तन्मय ने कठिन परिस्थियों से जूझते हुए आज सफलता के उस स्थान को प्राप्त कर लिया है जो न केवल परिवार, बल्कि गांव, समाज और प्रदेश का मान बढ़ाया है।
आईआईटी खड़गपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने वाले तन्मय फिलहाल सूरत ओएनजीसी में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं. दिन में ड्यूटी और रात में पढ़ाई करते थे। नौकरी भी ऐसी कि शिफ्ट में काम करना पड़ता था। काम का दबाव ऐसा कि अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ (Highly flammable material) की तकनीकी और प्रबंधकीय कार्यभार की जिम्मेवारी के बीच तन्मय ने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा. साहस के साथ परिस्थियों का संघर्ष और पढ़ाई के प्रति जुनून के कारण तन्मय ने यह सफलता प्राप्त की है.
सामाजिक सरोकार की सोच रखने वाले तन्मय बचपन से ही बेहद प्रतिभाशाली होने के साथ ही संवेदशनशील हैं. परिवार के सदस्यों के बीच रहना और प्राकृतिक वातावरण में निवास करना तन्मय को बेहद पसंद है. पिता किशोरी नाथ झा और माता अंजनी कुमारी शिक्षण कार्य से जुड़े रहे हैं. सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले तन्मय ने पढ़ाई में कभी भी ढिलाई नहीं बरती.शुरुआत से ही इन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा बनवाया है और स्कूल और कॉलेज स्तर पर कई पुरस्कार भी प्राप्त किये हैं. यह मैट्रिक, इंटर और आईआईटी में इनके परफॉर्मेंस भी बताता है.
दसवीं की परीक्षा इन्होंने वर्ष 2011 में 10 सीजीपीए के साथ पास की थी. वहीं, वर्ष 2013 में 12th में इनके 93.98% नंबर आए थे. वर्ष 2017 में बीटेक फाइनल करने के बाद तन्मय की पहली नौकरी इसी वर्ष बीपीसीएल में असिस्टेंट मैनेजर के तौर पर लगी थी. इसके बाद इसी वर्ष ओएनजीसी में चले गए.तन्मय का लक्ष्य आईएएस बनने का था,लेकिन इससे वह जरूर थोड़ा पीछे रह गए.मगर हौसले में कोई कमी नहीं है और आगामी 24 अप्रैल को उनकी आईएफएस यानी इंडियन फॉरेस्ट सर्विस का साक्षात्कार है और वह इसकी तैयारी में फिलहाल लगे हुए हैं.
