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10-Feb-2026 03:30 PM
By First Bihar
BIHAR NEWS:
बिहार के इंजीनियरिंग छात्रों के लिए एक अहम और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। राज्य के किसी भी इंजीनियरिंग कॉलेज को NBA (National Board of Accreditation) की मान्यता नहीं मिली है। इसका सीधा असर उन छात्रों पर पड़ सकता है, जो विदेश में पढ़ाई या नौकरी करने का सपना देख रहे हैं।
NBA एक राष्ट्रीय संस्था है जो इंजीनियरिंग और तकनीकी कोर्स की शिक्षा की गुणवत्ता, फैकल्टी, लैब सुविधाएं, सिलेबस और छात्रों की परफॉर्मेंस के आधार पर मान्यता देती है। यह मान्यता विदेशी विश्वविद्यालय और कंपनियों के लिए भी मान्य मानी जाती है।
यदि किसी कॉलेज का कोर्स NBA मान्यता प्राप्त नहीं है, तो छात्र विदेश में MTech, MS या किसी तकनीकी कोर्स में एडमिशन लेने में परेशानी का सामना कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ देशों में इंजीनियरिंग डिग्री की अंतरराष्ट्रीय मान्यता की जरूरत होती है। NBA मान्यता न होने से छात्र वहां नौकरी पाने में भी मुश्किल का सामना कर सकते हैं।
बिहार के BTech छात्रों को विदेश में पढ़ाई के लिए आवेदन करने पर यह साबित करना पड़ता है कि उनका कॉलेज अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरता है। NBA मान्यता न होने की वजह से कई विदेशी संस्थान सीधे एडमिशन देने से बचते हैं। इसका असर छात्र के भविष्य पर लंबा पड़ सकता है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार के छात्र दूसरे राज्यों के छात्रों से पीछे रह सकते हैं, जहां कई इंजीनियरिंग कॉलेजों को NBA मान्यता प्राप्त है। यह बिहार के इंजीनियरिंग छात्रों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।
राज्य में कुल 38 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, लेकिन इनमें से एक भी कॉलेज या उसका कोई BTech प्रोग्राम NBA मान्यता प्राप्त नहीं है। AICTE की ताजा सूची में बिहार के किसी भी कॉलेज का नाम शामिल नहीं है। इसका मतलब है कि राज्य के कॉलेजों की शिक्षा गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी मान्यता नहीं मिली है।
शिक्षा से जुड़े जानकार मानते हैं कि बिहार के कॉलेजों को शिक्षा व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी में सुधार करना होगा। इसके अलावा, छात्रों को इंटरनेशनल मानकों पर आधारित शिक्षा देना जरूरी है। इसके बाद ही इन्हें NBA मान्यता मिल सकती है और छात्रों का भविष्य सुरक्षित और बेहतर बन सकता है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि बिहार सरकार और शिक्षा संस्थानों को मिलकर छात्रों के लिए अधिक अवसर और सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए, ताकि राज्य के इंजीनियरिंग छात्रों की पढ़ाई और करियर में कोई कमी न रह जाए।