ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News: नीतीश नहीं सम्राट मॉडल ! BJP की हुंकार-अगले तीन महीने में खत्म कर देंगे अपराध BIHAR NEWS : खाकी पर सवाल ! मुजफ्फरपुर कांड में SHO समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, CID करेगी जांच Bihar News : तस्करों पर नहीं, एक-दूसरे पर टूट पड़ी खाकी! तस्करों के बजाय आपस में ही उलझ गई पुलिस, मद्य निषेध विभाग का सिपाही लहूलुहान Patna PNG news : पटना में PNG कनेक्शन अटका ! पाइपलाइन पास, फिर भी गैस नहीं… जानिए क्या बनी सबसे बड़ी बाधा Bihar News : अब ‘तारीख-पर-तारीख’ खत्म! हाईटेक मशीन से घूसखोरों पर कसेगा शिकंजा, सबूत रहेंगे हमेशा सुरक्षित Bihar railway news : वंदे भारत पर पथराव, कोच का शीशा टूटा — बच्चे संग सीट के नीचे छिपी महिला, यात्रियों में दहशत BIHAR NEWS : नीट छात्रा मौत मामला: CBI जांच पर उठे सवाल, POCSO कोर्ट की फटकार के बाद बदला गया IO Bihar Police : 'इंस्पेक्टर से दारोगा बने तो ...', अब नहीं चलेगी मनमानी! DGP बोले- भ्रष्ट पुलिसकर्मी का अब सस्पेंशन नहीं सीधे होगा डिमोशन Bihar News : JDU विधायक के बेटे की सड़क हादसे में मौत, घर से 500 मीटर दूर पेड़ से टकराई थार बेगूसराय में बारात का ‘टशन’ पड़ा भारी: हथियार लहराने वाले 4 के खिलाफ FIR दर्ज, छापेमारी जारी

Home / business / भारत में चीनी उत्पादन में भारी गिरावट, जानिए आगे क्या होगा असर

भारत में चीनी उत्पादन में भारी गिरावट, जानिए आगे क्या होगा असर

भारत में चीनी उत्पादन में इस साल जबरदस्त गिरावट देखी गई है। यह गिरावट मुख्य रूप से महाराष्ट्र और कर्नाटक में उत्पादन में आई कमी के कारण हुई है।

17-Feb-2025 09:42 PM

By First Bihar

इंडस्ट्री बॉडी ISMA (Indian Sugar and Bio-Energy Manufacturers Association) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 15 फरवरी 2025 तक चीनी उत्पादन 12% घटकर 197 लाख टन रह गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 224.15 लाख टन था। यह गिरावट मुख्य रूप से महाराष्ट्र और कर्नाटक में उत्पादन में आई कमी के कारण हुई है।

भारत में चीनी उत्पादन अक्टूबर से सितंबर तक चलने वाले शुगर मार्केटिंग ईयर के दौरान रिकॉर्ड किया जाता है। लेकिन इस साल महाराष्ट्र और कर्नाटक में चीनी उत्पादन में भारी गिरावट आई है।

  1. महाराष्ट्र में उत्पादन 79.45 लाख टन से घटकर 68.22 लाख टन हो गया।
  2. कर्नाटक में यह 43.20 लाख टन से घटकर 35.80 लाख टन रह गया।
  3. उत्तर प्रदेश में भी उत्पादन 67.77 लाख टन से घटकर 64.04 लाख टन हो गया।

इसके पीछे कुछ महत्वपूर्ण कारण बताए जा रहे हैं:

  1. खराब मॉनसून और जल संकट – महाराष्ट्र और कर्नाटक में इस साल बारिश की कमी ने गन्ने की फसल को प्रभावित किया।
  2. इथेनॉल उत्पादन की ओर बढ़ता रुझान – सरकार द्वारा इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम को बढ़ावा देने के कारण गन्ने का एक बड़ा हिस्सा इथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट किया गया।
  3. गन्ना किसानों की समस्याएं – किसानों को समय पर भुगतान न मिलने और बढ़ती लागत के कारण उत्पादन पर असर पड़ा।

इथेनॉल के लिए चीनी का डायवर्जन

ISMA के अनुसार, 31 जनवरी 2025 तक इथेनॉल उत्पादन के लिए 14.1 लाख टन चीनी डायवर्ट की गई, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 8.3 लाख टन था। सरकार ग्रीन एनर्जी और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के लिए इथेनॉल उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे पारंपरिक चीनी उत्पादन पर असर पड़ा है।

बाजार और आम जनता पर असर

  1. चीनी के दाम बढ़ने की आशंका – कम उत्पादन के चलते घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
  2. निर्यात प्रभावित हो सकता है – भारत, दुनिया का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक और निर्यातक है, लेकिन उत्पादन गिरने से निर्यात प्रतिबंध लग सकता है।
  3. गन्ना किसानों पर असर – कम उत्पादन का सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ सकता है।