पटना के मुसल्लहपुर कृषि बाजार का होगा मॉडर्नाइजेशन, इतने करोड़ में तैयार होगा आधुनिक परिसर पटना के मुसल्लहपुर कृषि बाजार का होगा मॉडर्नाइजेशन, इतने करोड़ में तैयार होगा आधुनिक परिसर भूमि विवाद ने लिया खूनी रूप: 10 इंच जमीन के लिए बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, विरोध में सड़क जाम बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी सख्त: 200 भ्रष्ट अफसरों और कर्मियों की डिजिटल फाइल तैयार; SP के नेतृत्व में विशेष टीम गठित बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी सख्त: 200 भ्रष्ट अफसरों और कर्मियों की डिजिटल फाइल तैयार; SP के नेतृत्व में विशेष टीम गठित फंदे से लटका मिला लैब टेक्नीशियन बहू का शव, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप; पति गिरफ्तार बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां तेज, इस बार EVM और फेशियल रिकग्निशन से होगी वोटिंग बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां तेज, इस बार EVM और फेशियल रिकग्निशन से होगी वोटिंग बिहार में रफ्तार का कहर: मॉर्निंग वॉक के दौरान पुलिस अधिकारी की कार ने दंपति को रौंदा, दोनों की मौके पर हुई मौत पटना में JP गंगा पथ का विस्तार, सिर्फ आधे घंटे में दीघा से कोईलवर; जल्द बनकर तैयार होगी फोरलेन सड़क
19-Jul-2025 01:21 PM
By First Bihar
Bihar News: वैशाली के जवान पंकज कुमार रजक की जैसलमेर में फायरिंग प्रशिक्षण के दौरान मौत हो गई थी। आज उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां भारतीय सेना ने राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान गांव वालों के आंसू रोके नहीं रुक रहे थे और शहीद जवान को आखिरी बार देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
वैशाली जिले के भगवानपुर प्रखंड के सराय थाना क्षेत्र के पौड़ा मदन सिंह गांव निवासी पंकज कुमार रजक (40) की जैसलमेर में फायरिंग प्रशिक्षण के दौरान टैंक में पानी भरने से मौत हो गई थी। 7 जुलाई को उन्हें बेहोशी की हालत में पाया गया था और अस्पताल में भर्ती कराया गया। 16 जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। 19 जुलाई की सुबह उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पंकज ने 13 साल पहले भारतीय सेना में नौकरी शुरू की थी। एक साल बाद उनकी शादी हाजीपुर के अकिलाबाद में हुई थी। उनके डेढ़ साल के बेटे हैं। 25 अप्रैल को वे एक महीने की छुट्टी पर घर आए थे, लेकिन 15 दिन बाद आपात स्थिति के कारण उन्हें वापस बुला लिया गया। उनके पिता मनोज रजक पंजाब में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और दादा महेश रजक BSF से सब-इंस्पेक्टर के पद से रिटायर हैं।
पंकज के भाई विपिन कुमार ने बताया कि भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान पंकज ने परिवार की जिम्मेदारी संभालने को कहा था। उनके निधन से गांव में शोक की लहर है। पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर हजारों लोग उनके घर उमड़ पड़े। क्षेत्रीय विधायक संजय सिंह ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय सेना ने राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद को अंतिम विदाई दी।
रिपोर्टर: विक्रमजीत