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22-Jul-2025 06:15 PM
By First Bihar
SHEOHAR: बिहार के शिवहर जिले में सिर्फ तीन पंचायतों पर झमाझम बारिश हुई। जिससे किसानों में खुशी की लहर दौड़ गयी है। दरअसल बीती रात करीब 12 बजे के बाद इन तीन पंचायतों में आसमान से बरसात की ऐसी सौगात आई, जिसकी उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ ही दी थी। रातभर हुई झमाझम बारिश से खेतों में पानी भर गया, जिससे किसान अब बिना पम्पिंग सेट या अन्य सिंचाई साधनों के सीधे धान की रोपनी कर पा रहे हैं।
जहां एक ओर बिहार के कई जिलों में मानसून की बेरुखी से किसान मायूस हैं, वहीं शिवहर जिले की तीन पंचायतों पर कुदरत कुछ ज्यादा ही मेहरबान हो गई। बीती रात जिले के खेरवा दर्प, माधोपुर अनंत और सुगिया कटसरी पंचायतों में जोरदार बारिश हुई, जिसने न केवल सूख चुकी धरती को राहत दी बल्कि किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान बिखेर दी।
पिछले दो महीनों से बारिश न होने के कारण जिले में खेती प्रभावित हो रही थी। दर्जनों चापाकल सूख चुके थे और धान की रोपनी जैसे महत्वपूर्ण कृषि कार्य अटक गए थे। किसान चिंता में थे कि धान की फसल कैसे लगेगी, क्योंकि नहरों में पानी नहीं था और सिंचाई के संसाधन सीमित होते जा रहे थे।
लेकिन बीती रात लगभग 12 बजे के बाद इन तीन पंचायतों में आसमान से बरसात की ऐसी सौगात आई, जिसकी उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ ही दी थी। रातभर हुई झमाझम बारिश से खेतों में पानी भर गया, जिससे किसान अब बिना पम्पिंग सेट या अन्य सिंचाई साधनों के सीधे धान की रोपनी कर पा रहे हैं।
दिलचस्प बात यह रही कि शिवहर प्रखंड के इन तीन पंचायतों को छोड़कर बाकी जिले में एक बूंद भी बारिश नहीं हुई। सुबह जब इन पंचायतों के किसान खेतों में काम करते नजर आए, तो बाकी गांवों के लोगों को यकीन ही नहीं हुआ कि कहीं इतनी बारिश भी हुई है। यह दृश्य देखकर लोग हैरान रह गए कि प्रकृति कभी-कभी इतनी असमान रूप से मेहरबान कैसे हो सकती है।
स्थानीय किसानों ने बताया कि कई दिनों से धान का बीज खेत में डालने को तैयार था, लेकिन खेत सूखे पड़े थे। अब बारिश के कारण जमीन नरम हो गई है और रोपनी का काम शुरू कर दिया गया है। माधोपुर अनंत पंचायत के किसान रघुनंदन पासवान ने कहा, “ईश्वर की कृपा से अब कम से कम कुछ हिस्सा हमलोग धान से भर पाएंगे। सिंचाई की चिंता फिलहाल कुछ दिनों के लिए टल गई है।”सुगिया कटसरी के किसान रविन्द्र यादव ने बताया कि “हम तो उम्मीद ही छोड़ दिए थे कि अब बारिश होगी। लेकिन रात में जो बारिश हुई, उसने जीवन लौटा दी।
समीर कुमार झा की रिपोर्ट