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22-Aug-2025 09:44 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में गुरुवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक खतरनाक कैदी पुलिस अभिरक्षा से हथकड़ी खोलकर फरार हो गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे कुछ किलोमीटर की दूरी पर दौड़कर पकड़ लिया, लेकिन इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, फरार हुए कैदी की पहचान अभिषेक कुमार, निवासी अहिलवारा गांव, थाना सरैया, जिला मुजफ्फरपुर के रूप में हुई है। यह वही अभिषेक है जिसे बुधवार की रात चकमेहसी थाना पुलिस और जिला खुफिया इकाई (DIU) की संयुक्त टीम ने तारा चौक के पास घेराबंदी कर पकड़ा था। गिरफ्तारी के वक्त उसने पुलिस पर फायरिंग भी की थी। बाद में उसकी तलाशी के दौरान एक पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए थे।
गुरुवार को अभिषेक को न्यायालय में पेशी के लिए समस्तीपुर कोर्ट लाया गया था। इसी दौरान उसने पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाते हुए हथकड़ी खोल ली और वहां से भाग निकला। जब तक पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, वह तेज़ी से भीड़ में गायब हो गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल रेड अलर्ट जारी किया गया।
पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे रेलवे कॉलोनी रोड नंबर-0 के पास, जदयू जिला कार्यालय के समीप धर दबोचा। इस दौरान पुलिस की साख बच गई, लेकिन सवाल यह है कि एक कैदी अदालत परिसर जैसी उच्च सुरक्षा वाली जगह से कैसे फरार हो गया।
बिहार में यह कोई पहली घटना नहीं है। हाल के वर्षों में कई बार देखा गया है कि कोर्ट परिसर और थाना अभिरक्षा से अपराधी आसानी से फरार हो जाते हैं। उदाहरण के लिए, मुजफ्फरपुर कोर्ट परिसर से पहले भी कई अपराधी पुलिस को चकमा देकर भाग चुके हैं। इनमें से एक को तो हाल ही में वैशाली पुलिस और एसटीएफ ने मुठभेड़ में ढेर किया, जबकि अन्य अब भी फरार चल रहे हैं।
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