RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज कैमूर में जहरीला बीज खाने से 8 बच्चे बीमार, भभुआ सदर अस्पताल में भर्ती
04-Feb-2026 06:27 PM
By RITESH HUNNY
SAHARSA: बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीर सहरसा के मॉडल अस्पताल से सामने आई है। जहां बिजली गुम होने के बाद दिन के उजाले में मोबाईल टॉर्च रोशनी से मरीज का ईलाज किया गया। अस्पताल में जो जेनरेटर है, वह भी खराब है। जिस वजह से तीन घंटे से ज्यादा समय तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सका।
जिसके कारण मरीज और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मोबाइल टॉर्च जलाकर इलाज करने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वारल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई हैरान हैं। वायरल यह वीडियो बुधवार का बताया जा रहा है। इतना ही नहीं बिजली नहीं रहने की वजह से डॉक्टर से ईलाज कराने आए मरीज का पुर्जा नहीं कट पाया और ना ही दवाईयां मिल पाई।
क्योंकि दोनों सुविधाएं ऑनलाइन कर दिया गया है। जो बिजली नहीं रहने की वजह से लोगों को नहीं मिला। कई घंटे बिजली गूल रही। जिस वजह से दूर दराज से आए मरीज और उनके परिजन परेशान रहे। जानकारी के अनुसार तकरीबन 3 घण्टे से ऊपर मॉडल अस्पताल में बिजली गुल थी और अस्पताल का जेनरेटर भी खराब है।
मरीजों को देखने में और इलाज करने में काफी दिक्कतें आई। लाइट नहीं रहने के कारण डॉक्टर मोबाइल की रोशनी में ईलाज करने को मजबूर थे। अस्पताल का सारा सेवा ठप रहा। इस दौरान अस्पताल प्रशासन मुकदर्शक बना रहा। इस तरह की लापरवाही से मरीज और परिजन परेशान रहे।