मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज
10-Jul-2025 02:37 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार के पूर्णिया में बुधवार की देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने भोज खाकर लौट रही दो महिलाओं और एक किशोरी को कुचल दिया। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गुरुवार सुबह आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पूर्णिया-सहरसा राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
घटना जानकीनगर थाना क्षेत्र के वार्ड 02, कृष्णा चौक मधुवन की है। मृतकों की पहचान चुनेश्वर राम की 35 वर्षीय पत्नी चंदन देवी और सात साल की बेटी कोमल कुमारी के अलावे संतोष राम की पत्नी ननकी देवी शामिल हैं। तीनों महिलाएं पड़ोस के घर बारात विदा करने और भोज खाने के बाद रात करीब 11:30 बजे घर लौट रही थीं।
इसी दौरान पूर्णिया की ओर से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उन्हें कुचल दिया और चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने शोर मचाया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। सूचना पाकर जानकीनगर की पुलिस मौके पर पहुंची।
रात में ही पुलिस ने शवों को कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने स्कार्पियो चालक की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग करते हुए शव नहीं उठाने दिया। गुरुवार सुबह स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया गया।
इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जीएमसीएच पूर्णिया पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है, वहीं गांव में एक साथ तीन लोगों की मौत से शोक की लहर है। प्रशासन से पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की गई है।