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01-Aug-2025 09:36 AM
By First Bihar
Bihar News: पूर्णिया एयरपोर्ट का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसका 75% काम पूरा भी हो चुका है। अब बिहार के सीमांचल क्षेत्र में हवाई सेवा शुरू होने का सपना जल्द साकार होने की उम्मीद है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के तहत बन रहे इस हवाई अड्डे का अंतरिम टर्मिनल भवन, जिसकी लागत 33.99 करोड़ रुपये है, उसके अगस्त 2025 तक तैयार होने की संभावना है।
निर्माण एजेंसी ने 15 अगस्त तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है और अगर समय पर काम पूरा हुआ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसी दिन इसका उद्घाटन कर सकते हैं। टर्मिनल भवन का टेंडर सितंबर 2024 में दो चरणों (12 और 27 सितंबर) में पूरा हुआ था और अब निर्माण अंतिम चरण में है।
2015 में उड़ान योजना के तहत शुरू हुई इस परियोजना में जमीन अधिग्रहण और अन्य तकनीकी बाधाओं के कारण देरी हुई लेकिन अब 69 एकड़ जमीन पर काम तेजी से चल रहा है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने AAI के शीर्ष अधिकारियों के साथ जुलाई में समीक्षा बैठक भी की और 15 अगस्त तक हवाई सेवा शुरू करने के लिए निर्माण तेज करने के निर्देश दिए।
जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने बताया है कि एयरपोर्ट तक पहुँच के लिए चार मार्ग हरदा, सतकोदरिया, चूनापुर डीएवी और एक नया चौथा रास्ता तैयार किया जा है, जिनमें से कुछ के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। इसका 2.8 किमी लंबा रनवे बिहार का सबसे लंबा होगा जो 19-सीटर विमानों से लेकर बड़े विमानों को भी संभाल सकता है।
पूर्णिया एयरपोर्ट बिहार का चौथा परिचालित हवाई अड्डा होगा जो पटना, गया और दरभंगा के बाद सीमांचल और कोसी क्षेत्रों को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह न केवल पूर्णिया, किशनगंज और अररिया जिलों को बल्कि पड़ोसी झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल तक को जोड़ेगा। यह हवाई अड्डा अगले 30-40 वर्षों के लिए यात्री यातायात को संभालने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा।
यह परियोजना सीमांचल के आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। पूर्णिया से कोलकाता और पटना के लिए पहले से ही गैर-नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं और नई सुविधाएँ शुरू होने से नियमित वाणिज्यिक उड़ानें संभव होंगी। पूर्णिया एयरपोर्ट का रणनीतिक महत्व भी है क्योंकि यह नेपाल सीमा के पास स्थित है और भारतीय वायुसेना के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत करेगा।