बिहार में अपराधियों का तांडव जारी, पूर्व मंत्री के करीबी की गोली मारकर हत्या, रोते हुए BJP नेता ने की कार्रवाई की मांग बेगूसराय में 12 घंटे में तीसरी वारदात, नाबालिग छात्र आयुष की गोली मारकर हत्या दो सगे भाइयों से शादी रचाने वाली महिला प्रेग्नेंट, घर में आने वाला है नया मेहमान बिहटा में पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी कार्यशाला का सफल आयोजन, ग्रोथ हार्मोन थेरेपी पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी बेलगाम स्कॉर्पियो ने 2 युवतियों को रौंदा, मौत से गुस्साए लोगों ने किया सड़क जाम हंगामा बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा में गोल संस्थान का शानदार प्रदर्शन, कई छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए, कोचिंग के छात्रों ने मनाया सफलता का उत्सव बिहार में नहीं थम रहा भूमि विवाद का मामला, सासाराम में जमीन के लिए हत्या बिहार दिवस 2026: डॉ. एन. विजयलक्ष्मी की भरतनाट्यम प्रस्तुति ने बांधा समां, शक्ति आराधना और देशभक्ति का अद्भुत संगम चैती छठ का तीसरा दिन: अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को व्रतियों ने दिया अर्घ्य, पटना के घाटों पर दिखी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रोहतास को 480 करोड़ की सौगात: सीएम नीतीश बोले..बदल चुका है बिहार
05-Aug-2025 09:15 AM
By First Bihar
Patna News: बिहार की सियासत में लगातार गर्मी बढ़ रही है। इसी बीच आज सुबह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग को लेकर बड़ा बयान दिया। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने साफ किया कि उन्हें चुनाव आयोग से नोटिस मिला है, और वह उसका जवाब जरूर देंगे, लेकिन साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग पर जवाबदेही से बचने का आरोप भी लगाया।
तेजस्वी यादव ने कहा "चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब तो मैं दे दूंगा, लेकिन हमारे द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों का जवाब आयोग क्यों नहीं दे रहा है? हमने पहले ही वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की आशंका जताई थी और अब उसी पर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।"
उन्होंने कहा कि प्रारूप मतदाता सूची (draft voter list) जारी होने के बाद कई जिलों से फर्जी नाम, मृत मतदाताओं के नाम शामिल होने, और कुछ समुदायों के नाम जानबूझकर हटाए जाने जैसी शिकायतें मिली हैं। तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि "हम इन सभी शिकायतों को दस्तावेजों सहित चुनाव आयोग को सौंपेंगे। अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया तो हम सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा भी खटखटाएंगे। ये लोकतंत्र का सवाल है, सिर्फ एक पार्टी का नहीं।"
राजद समेत महागठबंधन के अन्य दलों का कहना है कि आयोग की भूमिका इस बार संदेह के घेरे में है। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि कई जिलों में मतदाता सूची को प्रभावित करने के लिए "सत्ता के दबाव में काम" हो रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह बयान उस समय आया है जब चुनावी तैयारियाँ अपने चरम पर हैं और आयोग की निष्पक्षता को लेकर कई बार प्रश्न उठ चुके हैं।
हाल ही में चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव को एक चुनाव आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े बयान पर नोटिस भेजा है। माना जा रहा है कि यह नोटिस उनके एक रैली में दिए गए बयान को लेकर है, जिसमें उन्होंने सत्ता पक्ष पर "वोट चुराने की साज़िश" का आरोप लगाया था। इस पर अब तेजस्वी का कहना है कि अगर आयोग उनसे जवाब मांग रहा है, तो उसे भी जनता के सामने पारदर्शिता बरतनी चाहिए और उन शिकायतों का समाधान करना चाहिए जो विपक्ष और आम नागरिक उठा रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग के समक्ष सभी तथ्यों को प्रस्तुत करेगी, और यदि आवश्यक हुआ तो न्यायपालिका की शरण भी ली जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक चुनाव का मुद्दा नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की साख और संविधान की रक्षा का मामला है।
पटना से प्रेम राज की रिपोर्ट