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30-Jul-2025 12:30 PM
By First Bihar
Bihar News: दानापुर के राजद विधायक रीतलाल यादव की आज पटना सिविल कोर्ट में पेशी है। उन्हें भागलपुर से पटना लाया गया है। गौरतलब है कि 1 मई को रीतलाल यादव को पटना की बेऊर जेल से भागलपुर कैंप जेल में शिफ्ट किया गया है। उन्हें T-सेल में रखा गया है, जो एक विशेष सेल है। इसी सेल में पूर्व में बाहुबली अनंत सिंह भी कैद था।
दरअसल, बेऊर जेल में रीतलाल यादव के कई साथी पहले से विभिन्न आपराधिक मामलों में बंद हैं। बिल्डर कुमार गौरव से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में दर्ज मुकदमे के बाद दानापुर के विधायक ने 17 अप्रैल को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था और तब उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया था। जेल में रहते हुए वे लगातार अपने लोगों से मिल रहे थे, जिससे पुलिस को इसकी भनक लगी। पुलिस को डर था कि विधायक जेल के अंदर से अपने गुर्गों के जरिए बड़ी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं।
जेल से प्राप्त इनपुट के आधार पर जिला प्रशासन ने एक रिपोर्ट तैयार की, जिसमें रीतलाल यादव को पटना से भागलपुर जेल शिफ्ट करने की सिफारिश की गई। इस रिपोर्ट को जेल विभाग ने मंजूरी दे दी और आदेश जारी किया गया। हालांकि, जेल प्रशासन ने इसे प्रशासनिक कारण बताया है।
भागलपुर जेल, पटना से लगभग 247 किलोमीटर दूर है, जहां पहुंचने में ट्रेन से करीब 5 घंटे और सड़क मार्ग से 6 घंटे से अधिक समय लगता है। इस वजह से विधायक अपने करीबी साथियों से रोजाना मिल नहीं पाएंगे, जिससे उनके जेल के अंदर से आपराधिक कनेक्शन टूटेंगे और किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि को अंजाम देने में असमर्थ रहेंगे। इस रणनीति का उद्देश्य जेल के अंदर से आपराधिक घटनाओं को रोकना है। इससे पहले भी बाहुबली अनंत सिंह को प्रशासनिक कारणों से बेऊर जेल से भागलपुर जेल शिफ्ट किया गया था।
रीतलाल यादव ने 17 अप्रैल 2025 को दानापुर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था और 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए। उन पर बिल्डर कुमार गौरव से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और धमकी देने का आरोप है। इस मामले में खगौल थाने में FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने 11 अप्रैल 2025 को रीतलाल यादव के 11 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें 10.5 लाख रुपए नगद, 77 लाख रुपए के ब्लैंक चेक, 4 पेन ड्राइव और जमीन से जुड़े कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए थे। जेल में रहते हुए उनके आपराधिक कनेक्शन को तोड़ने के लिए यह कदम प्रशासन ने उठाया है। अब देखना होगा कि अदालत में इस मामले की सुनवाई कैसे होती है और आगे क्या कार्रवाई होती है।