8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज कैमूर में जहरीला बीज खाने से 8 बच्चे बीमार, भभुआ सदर अस्पताल में भर्ती मधेपुरा में BPSC की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत, किराए के कमरे में मिली लाश, इलाके में सनसनी
11-Aug-2025 05:50 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: राजधानी पटना में बीएलओ के कार्य में तैनात तीन महिला शिक्षकों के खिलाफ डीएम सह निर्वाची पदाधिकारी ने बड़ा एक्शन ले लिया है। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही बरतने पर डीएम त्याग राजन एसएम ने तीनों महिला शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है और उनके खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया है। डीएम के सख्त रूख से हड़कंप मच गया है।
दरअसल, पटना में बीएलओ के कार्य में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की अनदेखी करने के कारण तीन महिला शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया गया है। ये कार्रवाई दीघा विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी की अनुशंसा पर की गई।
रविवार को जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने तत्काल प्रभाव से रूपा कुमारी, सलोनी कुमारी और अनुपमा भारती को निलंबित कर दिया। साथ ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धाराओं के अंतर्गत इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश भी दिया।
तीनों शिक्षिकाओं को बीएलओ के रूप में विभिन्न बूथों पर नियुक्त किया गया था। रूपा कुमारी बूथ संख्या 399, शहीद राजेंद्र प्रसाद सिंह उच्च विद्यालय, सलोनी कुमारी बूथ संख्या 211, प्राथमिक विद्यालय मुरलीचक और अनुपमा भारती बूथ संख्या 48, शास्त्रीनगर राजकीय बालिका उच्च विद्यालय की बीएलओ के तौर पर तैनात किया गया था।
इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने न तो प्रशिक्षण में भाग लिया और न ही बीएलओ ड्यूटी ज्वॉइन की। यहां तक कि वरीय अधिकारियों द्वारा बुलाए जाने के बावजूद उन्होंने आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया। इस घोर लापरवाही के चलते उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।