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02-Aug-2025 07:58 AM
By First Bihar
Patna News: राजधानी पटना के पुनपुन प्रखंड स्थित मखदुमपुर के श्रीलाल बहादुर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब जिला अधिकारी (डीएम) डॉ. त्यागराजन एसएम के अचानक निरीक्षण के दौरान पता चला कि विद्यालय के करीब 100 छात्र उपस्थिति दर्ज कराने के बाद कोचिंग क्लास के लिए चले गए थे।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने जब उपस्थिति रजिस्टर की जांच की, तो उसमें 100 से अधिक छात्रों के हस्ताक्षर मिले, जबकि कक्षा में वास्तविक उपस्थिति बहुत कम थी। जब इस बाबत पुनपुन के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) से पूछताछ की गई, तो उन्होंने इस पूरे मामले की अनभिज्ञता जताई। इस पर नाराज डीएम ने बीईओ के स्थानांतरण और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया।
डीएम ने एसडीएम को भी निर्देशित किया कि वे क्षेत्र के विद्यालयों की नियमित निगरानी करें और इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। साथ ही, उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर विद्यालय की स्थिति सुधारने का आश्वासन दिया।
शुक्रवार को डीएम ने परसा-संपतचक सड़क का निरीक्षण करने के बाद मखदुमपुर विद्यालय का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने जानकारी दी कि पुनपुन एवं आसपास के इलाकों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान कई बड़ी घोषणाएं की गई थीं, जिनपर कार्य तेजी से चल रहा है। 331 करोड़ रुपये की लागत से परसा-संपतचक सड़क (6.80 किमी) के चौड़ीकरण का कार्य पथ निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है। इससे करीब 10 लाख की आबादी को लाभ मिलेगा और पटना के नए बायपास क्षेत्र में जाम की समस्या में भी सुधार होगा।
राज्य सरकार ने दीदारगंज से गौरीचक होते हुए पुनपुन तक 23.30 किमी लंबे तटबंध पथ के चौड़ीकरण हेतु एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) से अनुरोध किया है। इस सड़क के निर्माण से पटना-मोकामा हाईवे और पटना-गया हाईवे को आपस में जोड़ा जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, पुनपुन प्रखंड के ग्राम रसूलपुर में मोरहर नदी पर पुल निर्माण की योजना भी बनाई गई है, जिससे बाढ़ के समय यातायात व जन-जीवन प्रभावित नहीं होगा। डीएम ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने और आम जनता को होने वाली असुविधाओं को दूर करने के निर्देश दिए।
डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने पुनपुन क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करते हुए संबंधित अधिकारियों को चेताया और साथ ही विकास योजनाओं को धरातल पर तेज़ी से लाने की बात दोहराई। यह स्पष्ट संकेत है कि अब प्रशासन शिक्षा और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में कोई लापरवाही नहीं सहन करेगा।